कोरोना वायरस को देश से बाहर निकालने के लिए जनता हो एकजूट, घरों में रहकर लॉकडाउन में करें सहयोग: जगदीश नायर
March 25th, 2020 | Post by :- | 69 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट):-  होडल, पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक जगदीश नायर ने क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कोरोना वायरस के खिलाफ मुहिम छेडी है उसमें जनता उनका पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जब तक देश की जनता एकजूट नहीं होगी तब तक इस कोरोना वायरस को देश से बाहर नहीं भगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि 21 दिन के लॉकडाउन में जनता अपने घरों से बाहर ना निकले और ना ही बच्चों व बुजुर्गों को घर से बाहर ना निकलनें दें। नायर बुधवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

क्षेत्रीय विधायक जगदीश नायर ने कहा कि इन दिनों देश कोरोना जैसी महामारी बीमारी से जूझ रहा है। देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से सिर्फ तीन सप्ताह का वक्त मांगा है और अगर देश की जनता उनके विश्वास पर खरा उतरी तो देश इस कोरोना वायरस का नाम निशान तक खत्म कर देगा। उन्होंने कहा कि इन वायरस को फैलने से रोकने का बस एक ही उपचार है कि लोग अपने घरों से बाहर ना निकलें और आपस में दूरी बनाए रखें। इसके अलावा अपने हाथों को बार-बार साबुन व सैनिटाइजर से धोएं।

उन्होंने कहा कि जनता की जरूरत को देखते हुए इस 21 दिन के लॉक डाउन में शहर में सिर्फ राशन, सब्जी, दूध, दवाईयां, गैस, पैट्रोल पंप आदि की दुकानें खुलेंगी। इस लॉकडाउन से लोगों को घवराने की जरूरत नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री का साथ देते हुए एकजूट होकर इस वायरस से लडने की जरूरत हैं।

नायर ने यहां लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस लॉकडाउन में सरकार की ओर से प्रशासन व पुलिस को भी सख्त निर्देंश जारी किए गए हैं कि लॉक डाउन में किसी जरूरी कार्य के बगैर घरों से निकलने वाले वाहन चालकों के चालान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करें। इसके अलावा बाजार में भी लोगों को इकठ्ठा नहीं होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल तक रहने वाले इस लॉक डाउन में अगर लोगों को किसी भी सहायता की आवश्यता पडेगी वह उनके लिए हमेशा तैयार रहेंगे। नायर ने कहा कि वह भी अपना पूरा समय अपने परिवार के सदस्यों के बीच में बिता रहे हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।