टूटी हुई सङक और नाली के कारण नानाजी को लग गई चोट 6 साल की बच्ची ने कलक्टर कुमार पाल गौतम को लगाई गुहार
February 27th, 2020 | Post by :- | 92 Views

बीकानेर  (रामलाल लावा ) जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम की संवेदनशीलता और सहृदयता की खबरें सुन उनकी मुरीद बनी एक छोटी बच्ची गुरूवार को जिला कलक्टर कार्यालय पहुंच गई और जिला कलक्टर से मिल अपने मोहल्ले में सड़क तथा नाली दुरुस्त करवाने की गुहार लगाई।
रेखा गहलोत नाम की छह वर्ष की बच्ची ने कलक्टर कक्ष के बाहर खड़े होकर जिला कलक्टर से मिलने का इंतजार किया और जैसे ही कलक्टर साहब बाहर निकले तब उनसे पूछा कि क्या वे जिला कलक्टर हैं। इस पर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने रुक कर बच्ची की पूरी बात सुनी और समस्या के समाधान के लिए तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया। रेखा गहलोत ने जिला कलक्टर को बताया कि पुरानी गिन्नानी स्थित कान सिंह जी का डेरा के पास सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के कारण आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालियां भी टूटी है इस कारण गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है। उसने बताया कि उसके नानाजी कीचड़ में गिर गए और उन्हें काफी चोट लगी फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। छोटी सी बच्ची ने जिला कलक्टर से अपने मोहल्ले की सड़क के नवीनीकरण की मांग करते हुए कहा कि सड़क काफी जर्जर स्थिति में है और बरसात के मौसम में तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। उसने जिला कलक्टर से अविलम्ब सड़क तथा नालियां दुरूस्त करवाने की मांग की। बच्ची ने कहा कि मोहल्ले के चारों तरफ की सड़कों का नवीनीकरण हो चुका है केवल उनका ही मोहल्ला इससे वंचित रहा है।
गंभीर रोग से ग्रसित है आवारा श्वान
बच्ची ने एक और ज्ञापन में जिला कलक्टर से अपने मोहल्ले तथा आसपास के क्षेत्र में घूम रहे आवारा श्वान पकड़वाने का भी आग्रह किया। उसने बताया कि इन आवारा श्वान के शरीर से चमड़ी उतर रही है और खून निकल रहा है इन्हें कोई गंभीर स्किन डिजीज है। उसने बताया कि ये बच्चों और बुजुर्गों को चोटिल कर सकते हैं साथ ही इनकी गंभीर बीमारी से भी कोई वायरस फैल सकता है। जिला कलक्टर गौतम ने पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्ची की बात को सुना और समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
इसके बाद जिला कलक्टर ने नगर निगम आयुक्त और नगर विकास न्यास को फोन कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि गलियों में घूम रहे आवारा श्वान शीघ्र अति शीघ्र पकड़े जाएं।

नगर विकास न्यास परिसर में शीघ्र ही रोजगार बाजार के लिए स्थान दिया जायेगा। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने इस संबंध में नगर विकास न्यास सचिव को स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर गौतम ने रोजगार विभाग, राजस्थान कौशल आजीविका विकास मिशन और राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान कहा कि एक ऐसा रोजगार बाजार विकसित किया जाए, जिसमें रोजगार मांगने पर व्यक्ति अपने हुनर के अनुसार काम हासिल कर आय अर्जित कर सके। उन्हांेने युवा भारत संस्थान द्वारा रोजगार बाजार प्रारंभ करने के प्रस्ताव पर कहा वे इस संबंध में तत्काल प्रस्ताव तैयार कर, प्रस्तुत करें ताकि इस बाजार को शुरू करवाया जा सके। उन्हांेने कहा कि कौशल विकास में लगी संस्थाएं युवाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिलाकर, उन्हें स्वालम्बी बनाएं। साथ ही जिन संस्थानों में रोजगार दिया गया अथवा स्वयं का रोजगार स्थापित किया है,उसका फोलोअप किया जाए। अगर कोई ड्रोपआउट हुए हैं, उनके बारे में फीड बैक लेते हुए ड्राॅपआउट के कारणों का पता किया जाए। उन्होंने कौशल विकास के संबंध में दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवता पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी संस्थान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के जन प्रनिधियों का सहयोग लेकर, युवाओं को रोजगार दिलाने का काम करें।
क्या होगा रोजगार बाजार में -इस बाजार के माध्यम से उत्पाद तैयार करने के लिए रोजगार प्राप्त करने वालों को संसाधन उपलब्ध करायें जायेंगे। कोई भी बेरोजगार यहां अपने हुनर के अनुसार जैसे बैग बनाना, लिफाफे बनाना, कागज की प्लेट बनाना, किसी भी प्रकार की कपड़े की सिलाई, कढ़ाई-बुनाई, मसाला पैकिंग आदि का कार्य करके आय अर्जित कर सकेगा। सर्वप्रथम इस बाजार को बीकानेर में लगाया जायेगा, उत्साहजनक परिणाम मिलने पर इसे ब्लाॅक स्तर पर लगाया सकता है।
जिला कलक्टर ने बेरोजगारी भत्ते की समीक्षा भी की। इस पर सहायक निदेशक रोजगार विभाग हरगोबिन्द मित्तल ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत 2 हजार 906 युवाओं का भत्ता दिया जा रहा है। साथ ही 1 हजार 716 आशार्थियों के प्रकरण स्वीकृति हेतु निदेशालय को भिजवाएं गए है।
जिला कलक्टर को बैठक में जिला कौशल समन्वयक अविकल खड़खोदिया ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत जिले में 326  प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और वर्तमान में विभिनन प्रशिक्षण केंद्रों में कुल 63 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें मार्ग संस्थान द्वारा बैंकिंग एंड अकाउंट्स विषय में 60 छात्रों को बैंकिंग के अकाउंट विषय में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले में अब तक 410 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और वर्तमान में मरूधर एजुकेशन सोसाइटी द्वारा 110 छात्रों को डाटा एंट्री ऑपरेटर विषय में और नोजी कौशल सेंटर द्वारा असिस्टेंट इलेक्ट्रिक विषय में 60 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रोजगार परक लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिले में अब तक 5 हजार 598 छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया है । वर्तमान में जिले में एलिक्सिर ट्रेनिंग सर्विस द्वारा 43 छात्रों को रिटेल एसोसिएट विषय में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  इसी प्रकार एयू फाइनेंस बैंक द्वारा बैंकिंग सेक्टर में 90 व एजुकेशन सोसाइटी द्वारा 27 युवाओं को डाटा एंट्री ऑपरेटर विषय में आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  नियमित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम  के तहत जिले में अब तक 1 हजार 625 छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया है और वर्तमान में इस कार्यक्रम के तहत बीकानेर की केंद्रीय पुरुष कारागृह में 30 कैदियों के लिए इण्डियन कुक-हलवाई तथा महिला जेल में हैंड अम्ब्रोडयरी के प्रशिक्षण जल्दी शुरू करवाए जाएंगे।  इसी क्रम में युवा भारत संस्थान द्वारा महिलाओं के लिए लेडीज टेलरिंग का प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना के तहत बीकानेर जिले में नोखा ब्लॉक में मांगीलाल बागड़ी महाविद्यालय और राजकीय महारानी गर्ल्स कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए भी इंग्लिश  स्पोकन एण्ड कम्युनिकेशन, ब्यूटी पार्लर के प्रशिक्षण शुरू किए गए हैं।
बैठक में नगर विकास न्यास के सचिव मेघराज सिंह मीना, युवा भारत संस्थान के दिनेश कुमार पाण्डेय, सहायक निदेशक रोजगार विभाग हर गोविन्द मित्तल, नेशनल कैरियर सर्विस के नितिन व्यास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित

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