मां पर आधारित गीतों से सजी शाम, विजय बंसल ने बतौर मुख्यातिथि की शिरकत।
February 27th, 2020 | Post by :- | 114 Views

कालका (चन्द्रकान्त शर्मा) ।

मां का दुनिया में एक अलग मुकाम है जिसके दूध का कर्ज़ ताउम्र तक चुकाना नामुमकिन है। इसी पर आधारित एक संगीतमय कार्यक्रम शहर की अग्रणी सांस्कृतिक संस्था एस एल म्यूजिक एकेडमी कालका द्वारा माता लाजवंती की 23 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया जिसमें एकेडमी में संगीत सीख रहे विद्यार्थियों तथा शहर के कुछ वरिष्ठ नामी कलाकारों ने मां पर आधारित गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा हरियाणा सरकार के पूर्व चेयरमैन विजय बंसल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। बंसल ने कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक दीप जलाकर किया जिस दौरान एनएसयूआई में राष्ट्रीय संयोजक दीपांशु बंसल भी विशेष तौर पर मौजूद रहे तथा हेमंत कुमार, सजल, पुरु समेत उपस्थित वरिष्ठ लोगो ने दीप प्रज्वलित किया। काफी समय तक चले इस कार्यक्रम में गायक गायिकाओं ने मां पर आधारित एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए जिसे श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली।कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे कलाकार कृष्ण ने गायत्री मंत्र से की इसके पश्चात शहर की वरिष्ठ गायिका किरण बक्शी ने स्वर और ताल पर अपनी पकड़ बनाते हुए एक शबद प्रस्तुत किया अरनवी ने मा” मुझे अपने आंचल में छुपा ले “गीत बहुत ही खूबसूरत अंदाज में पेश किया।इसके पश्चात अनिल ने “मां तुझे ढूंढूं कहां, “सुखदेव ने “मां हुंदी ए मा वे दुनिया वालेयो, सोनम ने कितना रुलाती है गीत प्रस्तुत कर माहौल को गमगीन बना दिया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए हर्ष ने पंजाबी गीत “मेरी अम्मी” गीत गाकर खूब तालियां बटोरी अनिल तथा धर्मपाल ने “ऐ मां तेरी सूरत से अलग, तेजस्वी ने तेरी उंगली पकड़ के चला, चंदर कांत तथा हार्दिक ने “सब कुछ मिल जाता है मगर मां नहीं मिलती” गीत खूबसूरत अंदाज में पेश किए, नेहा ने पंजाबी गीत कबरा विचो बोल नी माए बहुत खूबसूरत अंदाज में गाया।शहर के वरिष्ठतम गायक निर्मल मारवाह ने “मां है मोहब्बत का नाम गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को अंजाम तक पहुंचाया।इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि गीतों की प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं की आंखें नम हो गई।
हारमोनियम पर अमृतपाल सिंह, अनूप मेसी, तबले पर कृष्ण कुमार, ढोलक पर धर्मपाल तथा इलेक्ट्रिक गिटार पर तेजस्वी मयंक ने अपनी उंगलियों का जादू बिखेरा।

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