मेवात जिले के गाँव ऐन्च्वारी के सरकारी स्कूल में अद्ध्यापको कि लापरवाही के चलते बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा है खिलवाड़. अधिकारी नही ले रहे हैं सुध
February 27th, 2020 | Post by :- | 386 Views

मेवात, लोकहित एक्सप्रैस ( सद्दाम हुसैन )      ।         जिले के गांव एनचवारी के सरकारी सकूल में बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा है खिलवाड़ ना तो अध्यापक टाइम पर स्कूल आते हैं और ना ही पढ़ाई करते हैं गांव के लोगों ने बताया की कई बार शिकायत करने के बावजूद भी स्कूल की पढ़ाई पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, गांव एनचवारी के स्कूल के पास रहने वाले मोहम्मद रफीक ने बताया की सकूल आठवीं तक अबग्रेट हो गया है जो पहले पांचवी तक था आठवीं तक होने से गांव के लोगों को खुशी मिली है लेकिन स्कूल में पढ़ाई नहीं होती जिससे गांव के लोग दुखी हैं लोगों को अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजना पड़ता है बहुत से लोग तो इतने गरीब हैं कि अपने बच्चों का पेट भी जने कैसे भरते हैं वह अपने बच्चों की प्राइवेट स्कूल की फीस कैसे अदा करें और बताया कि उन प्राइवेट स्कूलों में भेजना पड़ रहा है बच्चों को जिनका कोई वजूद ही नहीं जिनका कोई सरकार में रिकॉर्ड ही नहीं यह सब मेवात जिले में लापरवाही के चलते हो रहा है गांव के लोगों ने बताया कि कई बार मुख्य अध्यापक खुर्शीद अहमद से शिकायत की गई है कि आप टाइम पर स्कूल आए और सभी अध्यापकों को निर्देश दे कि बच्चों को अच्छी तरह पढ़ाएं ताकि बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके सरकार बड़े-बड़े दावा कर रही है बच्चों की शिक्षा को लेकर लेकिन मेवात के सरकारी स्कूलों की तरफ सरकारी कर्मचारियों का कोई भी ध्यान नहीं मेवात जिले के गांव गोकुलपुर नीमखेड़ा में प्राइवेट स्कूल खुले हुए हैं जो सरकारी स्कूलों से मिली भीत चल रहे हैं लेकिन सरकारी स्कूलों के अध्यापक उन प्राइवेट स्कूलों पर कोई भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं।

गांव एनचवारी के लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है अगर गांव के स्कूल में इसी तरह चलता रहा तो कुछ ही दिन में स्कूल में ताला लगाना पड़ेगा स्कूल के मुख्याध्यापक से गांव के लोग पूरी तरह खफा दिख रहे हैं गांव के लोगों ने बताया की सकूल का मुख्य अध्यापक कई कई हफ्ते सकूल नहीं आता जिनके चलते बाकी अध्यापक भी ड्यूटी नहीं देते जिस कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है बच्चे आते हैं और चले जाते हैं स्कूल में क्लास नहीं लगती खाने बनाने वाले औरतों से बातचीत करने पर बताया कि कई कई महीने खाना नहीं बनता राशन आता है और खराब हो जाता है खाना बनाने वाली महिला नर्सरी ने बताया की कई-कई महीने राशन नहीं बनने की वजह से जो राशन आता है खराब हो जाता है पूरे राशन में कीड़े पड़े हुए हैं कभी राशन बनता है तो उसी राशन में से बनाया जाता है जिससे बच्चों की सेहत पर असर पड़ सकता है गांव एनचवारी के रफीक अहमद खुर्शीद खान मोहम्मद शाहिद हसन मोहम्मद मोहम्मद कयूम ने अपील करते हुए कहा कि हमारे गांव के स्कूल पर ध्यान दिया जाए ताकि हमारे बच्चे पढ़ाई कर सकें।

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