सहायक निदेशक ने कहा कि प्रगणक एवं पर्यवेक्षक सभी परिवारों को यह आश्वस्त करें कि जनगणना के दौरान एकत्रित व्यक्तिगत विवरणो को गोपनीय रखा जायेगा।
February 26th, 2020 | Post by :- | 72 Views

अम्बाला: अशोक शर्मा

सहायक निदेशक रूचि गुप्ता ने बताया कि प्रगणकों/सुपरवाईजरों द्वारा लेआउट मानचित्र तैयार किया जायेगा। लेआउट मानचित्रों को और अधिक उपयोगी बनाने के लिये हाउस लिस्टिंग ब्लॉक टर्मिनल सीमा बिन्दूओं को मोबाइल ऐप का उपयोग करके कैप्चर किया जायेगा, जो वहां के लोकेशन बिन्दू रिकॉर्ड कर सकते हैं और इस भौगोलिक डाटा को सर्वर पर भेज सकते हैं। इन बिन्दूओं को जोडकऱ हाउस लिस्टिंग ब्लॉक सीमाओं का निर्माण किया जायेगा जो कवरेज की निगरानी के लिये तथा छूटे हुए क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा। इस प्रकार तैयार मानचित्र भविष्य में बिना किसी कठिनाई के हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का पता लगाने में भी मदद करेगा। प्रगणक द्वारा मकान सूचीकरण ब्लॉक में प्रत्येक मकान और संरचना की अवस्थिति का पता लगाते हुए उसे चिन्हित करना आवश्यक होगा। प्रगणक मकान सूचीकरण ब्लॉक का दौरा करके वहां की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त करेंगे।
रूचि गुप्ता ने बताया कि मकान सूचीकरण ब्लॉक का अर्थ है मकानों को नम्बर देने और मकान सूचीकरण से सम्बन्धित जनगणना कार्यों को करने के प्रयोजन से किसी विशेष प्रगणक को आबंटित किया गया विशेष क्षेत्र। प्रगणक के लिये सबसे पहला कार्य यह है कि वह मकान सूचीकरण ब्लॉक की पहचान कर उससे परिचित हों। ऐसा करते समय इस क्षेत्र में आने वाली किसी भी संरचना/भवन को छोडऩा नही है जोकि प्रगणक के आबंटित क्षेत्र में आता है। यदि किसी मकान सूचीकरण ब्लॉक अथवा ब्लॉक के हिस्से में मकान का पैट्रन इस प्रकार का है कि भवन बेहतरीन ढंग से बने हैं, वे भी नजरी नक्शे में शामिल किये जाने आवश्यक हैं।
सहायक निदेशन ने बताया कि मकान सूचीकरण और मकानो की गणना के दौरान जो जानकारी एकत्रित की जाती है, उसका उपयोग केवल आंकड़ो को उपलब्ध करवाने के लिये किया जाता है। यह किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान को प्रकट करने की अनुमति नही देता है। इसके अलावा जनगणना के माध्यम से एकत्र किये गये डाटा के प्रंसस्करण के दौरान भी गोपनीयता बनाई रखी जाती है और किसी भी चिन्हित व्यक्ति की विशष्टि पहचान का खुलासा करना अपराध है। सूचना का अधिकार अधिकार 2005 के अधिनियम के बाद भी, व्यक्तिगत स्तर की जानकारी आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 8 (1) (जे) के तहत गोपनीय है। सूचना जो व्यक्तिगत सूचना से सम्बन्धित है, जिसका प्रकटीकरण किसी लोक क्रियाकलाप या हित से सम्बन्ध नही रखता है या जिससे व्यक्ति की एकांतता पर अनावश्यक अतिक्रमण होगा, जब तक कि केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या अपील प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, संतुष्ट हो कि ऐसी सूचना का प्रकटीकरण विस्तृत लोकहित में न्यायोचित है।
सहायक निदेशक ने कहा कि प्रगणक एवं पर्यवेक्षक सभी परिवारों को यह आश्वस्त करें कि जनगणना के दौरान एकत्रित व्यक्तिगत विवरणो को गोपनीय रखा जायेगा। जनगणना के दोनों चरणों के दौरान एकत्रित विवरण प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हेतू नीति निर्माण के लिये उपयोगी साबित होंगे। इस अवसर पर एसडीएम नारायणगढ़ अदिति, डीआरओ कैप्टन विनोद शर्मा, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, तहसीलदार नारायणगढ दिनेश ढिल्लो, जनगणना विभाग से जसबीर सिंह, नगर निगम से अनिल राणा, नगर परिषद कार्यालय सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

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