ट्रम्प के नाम से जोड़े गए गांव मरोड़ा की हकीकत
February 26th, 2020 | Post by :- | 137 Views
नूंह मेवात, लोकहित एक्सप्रैस ( लियाकत अली )  ।    हरियाणा के मुस्लिम बाहुल्य जिला नूह से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित मरोड़ा गांव का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम से करीब 3 साल पहले सुलभ इंटरनेशनल संस्था द्वारा जोड़ा गया था ।
सुलभ इंटरनेशनल संस्था के संस्थापक डॉ बिंदेश्वर पाठक ने इस गांव में ट्रंप विलेज के नाम से बड़े – बड़े बोर्ड भी उस समय लगाए और गांव में कई कार्यक्रम भी आयोजित किए । गांव के लोगों को उस समय बड़े -बड़े सपने दिखाए गए । यहां तक कि गांव के संपूर्ण विकास की बात की गई । गांव की बेटियों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,  डॉ बिंदेश्वर पाठक के लिए 500 – 500 राखियां रक्षाबंधन के अवसर पर बनवा कर भेजी गई । बेटियों ने दिन रात मेहनत कर करीब 1500 राखियां बनाकर दुनिया के ताकतवर इंसान की हाथ की कलाई सजाने के लिए बनाई। राखी बनाने वाली कई लड़कियों की अब शादी तक हो चुकी है , तो मीडिया से बातचीत करने वाली दोनों सगी बहनों की शादी भी चंद दिन बाद होने वाली है । गांव की बेटियों को उस समय संस्था से बड़ी उम्मीदें थी । सिलाई सेंटर के लिए प्रशिक्षण दिया गया , लेकिन महज डेढ़ महीने बाद ही इस सेंटर पर ताला लग गया । इसके अलावा गांव की बेटियों को कंप्यूटर सिखाने सहित कई आश्वासन दिए गए ,  लेकिन एक भी पूरा नहीं हुआ । हां मरोड़ा गांव में सुलभ इंटरनेशनल संस्था द्वारा करीब 95 शौचालय जरूर बनाए गए । जिसमें स्वच्छ भारत अभियान को गति देने के साथ – साथ जिले को ओडीएफ बनाने में अहम भूमिका अदा की ।
कुल मिलाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आये हुए हैं । उनके भव्य स्वागत पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं । डोनाल्ड ट्रंप भारत के दौरे पर हैं और उनके नाम पर रखे गए मरोड़ा गांव का जिक्र ना हो तो यह ठीक नहीं है । मरोड़ा गांव में डोनाल्ड ट्रंप के भारत आगमन जैसा कोई जोश या उत्साह ग्रामीणों से लेकर संस्था में दिखाई नहीं पड़ता । मीडिया कर्मियों ने जब गांव की राखी बनाने वाली बेटियों व ग्रामीणों से बातचीत की तो उनका दिल का दर्द जवान पर आ गया । उन्होंने दो टूक कहा कि बड़े चाव से राखियां बनाई थी । सिलाई सेंटर में दाखिला लिया था और पता नहीं कितने बड़े – बड़े वायदे सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक व उनकी टीम ने किए थे , लेकिन सब के सब धराशाई हो गए । अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत में कितने दिन रहे और उनके सम्मान पर कितनी राशि खर्च की जाए इस गांव के लोगों को इससे कोई लेना-देना नहीं है । आपको बताना जरूरी है कि जिस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम मरोड़ा गांव से जोड़ा गया तो उस समय के उपायुक्त मनीराम शर्मा ने अगले ही दिन बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया था लेकिन उसके बावजूद भी कई सालों से सुलभ इंटरनेशनल संस्था के पदाधिकारी इस गांव में सुलभ शौचालय सहित शौचालय इत्यादि का निर्माण कराने में लगे रहे ।
रोचक जानकारी :- शुलभ इंटरनेश्रल संस्था ने अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नाम पर 23 जून 2017 को ही ग्राम पंचायत मरोडा और उनके अंर्तगत आने वाले दो अन्य गांव निजामपुर और छावा का संयुक्त नाम ट्रंप सुलभ ग्राम रखा था। प्रशासन ने अगले दिन बोर्ड वगैरह उतरवाए तो प्रशासन के इस कार्य से गांव के लोगों में भारी रोष देखने को मिला था।
सुलभ इंटरनेश्रल संस्था मेवात जिला में पिछले आठ  – दस साल से काम कर रही है। अब तक वह मेवात जिला के धांदूका, कौराली, टपकन, इंडरी, हिरमथला सहित कई गावों को खुले में शौचमुक्त गांव बना चुकी है। सुलभ इंटरनेश्रल ने गांव मरोडा ग्राम पंचायत को गोद लेकर इसका नाम ट्रंप सुलभ गांव रखा था।
आपको बता दें कि गत दिनों सुलभ इंटरनेशनल के फाउंडर बिंदेश्वर पाठक ने मरोड़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम में  गांव के नाम के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम जोड़ने का एलान किया था। पाठक ने कहा था कि गांव मरोड़ा पंचायत में स्कूल , पंचायत घर , शौचालय , बिजली , पानी , विधवाओं के बच्चों को शिक्षा , महिलाओं के लिए सिलाई – कढ़ाई सेंटर चलाने जैसी कई घोषणाएं की थी।
गांव के लोगों ने कहा कि जब गांव का नाम ट्रंप रखा था तब गांव में विकास की उम्मीद जगी थी और गांव के लोगों को ख़ुशी थी ,लेकिन जैसे ही प्रशासन की तरफ से मरोडा गांव में ट्रंप के नाम से लगे साईन बोर्डो को हटाया गया तो गांव में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी हुई।

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