(आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ हो रहा है अन्याय) महिला संघ ने गांधी सर्किल के पास सांकेतिक उपवास एवं रामधूनी के साथ दिया धरना
February 25th, 2020 | Post by :- | 51 Views
(आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ हो रहा है अन्याय) महिला संघ ने गांधी सर्किल के पास सांकेतिक उपवास एवं रामधूनी के साथ दिया धरना

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सैंकडों महिलाओं द्वारा गांधी सर्किल पर धरना प्रदर्शन किया गया यह धरना प्रदर्शन आंगनबाड़ी कर्मियों की महिलाओं पर हो रहे अन्याय के खिलाफ हैं संघ की महासचिव संतोष बिलोनिया ने आज कहा कि हमने बार-बार राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार को निवेदन भी किया हैं और निवेदन करने उपरान्त सरकार ने अपने‘जन घोषणा पत्र राजस्थान विधानसभा 2018’में स्पष्ट रूप से बिन्दू संख्या 25 के (5) में अंकित किया है, जो इस प्रकार है:
*सरकार में संविदा कर्मियों,पैरा टीचर्स, उर्दू पैरा टीचर्स, लोक जुम्बिश कर्मियों, आंगनबाड़ी कर्मियों, शिक्षा कर्मियों, विद्यार्थी मित्रों, पंचायत सहायकों आदि के अन्तर्गत कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का यथोचित समाधान कर नियमित किया जायेगा।
उपरोक्त विषय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कारिन्दों ने राज्य सरकार को कई बार निवेदन किया और राज्य सरकार ने अपने‘जन घोषणा पत्र 2018’में भी इसे स्वीकार किया लेकिन आज तक कोई परिणाम नहीं आया यह बहुत ही खेदजनक स्थिति है हमने क्या बिगाड़ा है राज्य सरकार और केन्द्र सरकार का।
जन घोषणा पत्र 2018 के पृष्ठ सं. 34 क्र.सं. 25 के अनुसार आंगनबाडी मानदेयकर्मी के नियमित किया जाएगा। जब तक नियमितिकरण की कार्यवाही नहीं हो तब तक न्यूनतम मानदेय 18000 रूपये प्रतिमाह दिया जाए। देश की आबादी की आधी का अधिकार रखने वाली आंगनबाडी महिलाओं का मानदेय 18000 रूपए से कम ना हो और जब तक नियमितिकरण की नियति न तय हो तब तक आंगनबाडी कर्मियों को मानदेय 18000 रूपए दिया जाए।
राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी जी ने भी सभी आंगनबाड़ी सामाजिक कार्यकताओं को स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया था कि आप पर कोई अत्याचार नहीं होगा और आगंनबाड़ी परियोजना/समन्वीत बाल विकास योजना के लिए वितीय मदद बढाई जाएगी लेकिन इसका भी कुछ नहीं हो सका। इससे ज्यादा और क्या खेदजनक स्थिति हो सकती हैं।
भुखे पेट कैसे फिर काम हो और जो अल्प मेहनताना मिलता है वो भी नहीं मिले तो फिर हम जाए तो जाए कहां हमें हमारा वाजिब नियमित मानदेय तो मिले वो ही नहीं मिल रहा हैं और वादा किया है अपने जन घोषणा पत्र 2018 में वर्तमान सरकार ने कि आपको नियमितीकरण की कार्यवाही की जाएगी उसको देखते हुए (जन घोषणा पत्र में दिया गया वादा) के अनुसार मानदेय कर्मियों को न्यूनतन मानदेय 15000 से 20000 रूपये प्रति माह किया जाए। केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी 42 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई हैं। जो आज तक नहीं हुआ है आपसे अनुरोध है कि हमें हमारा हक दिलाया जाए नहीं तो यह अबला नारिया सबला नारीयां बनकर अपना विरोध प्रकट करेगी और नारी का हट मतलब बाल हट, राज हट एवं त्रिया हट जो कभी भी पिछे नहीं हटेगी और संघर्ष करके हम हमारे वाजिब हक के लिए निवेदन करेंगे। उक्त अनुरोध बाबत् आज अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास आंगनबाड़ी कार्मिक संघ की प्रदेश महामंत्री संतोष बिलोनिया द्वारा आज गांधी सर्किल पर सैंकडों कार्मिक संघ की महिलाओं द्वारा सांकेतिक उपवास एवं रामधूनी के साथ धरना प्रदर्शन कर सरकार को चेताया और सभी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि हमे हमारा हक दिलाया जाए हमारे साथ में हो रहे अन्याय को खत्म कर न्याय दिलाया जाए। हमें कृपया इस बजट में इस बिन्दू में तथ्यात्मक दृष्टि से डालकर हमारी वाजीब बात को पूर्ण किया जाए।

सन्तोष बिलोनिया
प्रदेश महामंत्री

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