बहादुरगढ नगर परिषद में करोड़ो का घोटाला आया सामने, इनेलों प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी ने खोली पोल
February 23rd, 2020 | Post by :- | 69 Views
बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)
बहादुरगढ नगर परिषद में आया एक और घोटाला सामने
-करोडों रुपये राष्ट्रीयकृत बैंक से निकलवा कर एक निजी स्मॉल फाईनेंस कंपनी में करवाए जमा
– नगर परिषद के पैसों से पहुंचा रहे है निजी कंपनी के बैंकों को फायदा
– नगर परिषद बहादुरगढ कर रही है हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट-1973 के धारा 59-60 की सरेआम उल्लंघना
बहादुरगढ, 23 फरवरी। बहादुरगढ नगर परिषद में घोटाले रुकने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन कोई ना कोई नया घोटाला सामने आ रहा है। ऐसा ही एक नया घोटाला फिर से सामने आया है। जिसमें बहादुरगढ नगर परिषद ने राष्ट्रीयकृत बैंक से पैसा निकाल कर एक निजी स्मोल फाइनेंस कंपनी के बैंक में पैसा जमा करा दिया। हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट-1973 के धारा 59-60 में स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है कि नगर परिषद एवं पालिकाओं का फंड केवल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट-1934 की सेक्शन-2 के तहत ही रजिस्टर्ड बैंकों में रखा जा सकता है। जबकि नगर परिषद बहादुरगढ के अधिकारियों व सत्ताधारियों ने इक्विटास स्मॉल फाईनेंस बैंक लिमिटेड बहादुरगढ में 9 नवबंर 2017 को नगर परिषद का खाता खुलवाया एवं राष्ट्रीय बैंक से 2 करोड रुपये की राशि निकलवा कर 10 नवबंर 2017 को इस बैंक में डलवा दी। जो कि सरासर उल्लंघन है म्युनिसिपल एक्ट का जिसके तहत नगर परिषद कार्य करती है। यह खुलासा इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने आज अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में किया।
राठी ने कहा कि इस पूरे मामले में तत्कालीन आडिटर द्वारा एतराज भी लगाया गया था। लेकिन उस एतराज को भी रिकार्ड से हटा दिया गया और स्मॉल बैंक में लेन देन जारी रखा। नगर परिषद ने ना केवल पैसा उक्त बैंक में डलवाया बल्कि आज तक उपरोक्त बैंक में लगातार लेनदेन जारी है और जानकारी के अनुसार फिलहाल उस निजी स्मॉल बैंक में कई करोड रुपये से ज्यादा की राशि जमा है। उन्होंने कहा कि इस मंदी के दौर में अगर कंपनी दिवालिया घोषित हो जाती है तो इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा। इसलिए उपरोक्त बैंक में खाता खुलवाने में हस्ताक्षर करने वाले लोगों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जानी चाहिए।
राठी ने कहा कि ऐसा ही एक मामला वित्त वर्ष 2017-18 में देखने को मिला। जिसके तहत वित्त वर्ष समाप्त होने के केवल दो दिन पहले एक बैंक से 6 करोड रुपये निकाल कर दूसरे प्राईवेट बैंक में डाल दिए गए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बैंकों के बचत खातों का टारगेट पूरा करने के लिए ऐसे खेल खेले जा रहे है। नगर परिषद के पैसों को जमा रखने की एवज में सांठ-गांठ करके अपने लोगों को लोन दिलवाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घोटाले को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा और इसकी जांच की मांग की जाएगी। ताकि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो सके। इस अवसर पर पार्षद संदीप कुमार, पार्षद शशि कुमार, पार्षद पुत्र रोहित उर्फ काली प्रधान, रामनिवास सैनी, रतन सिंह मोर, ईश्वर छिल्लर, कंवल यादव आदि मौजूद रहे।

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