कलसाडा के शिव मंदिर पर रात भर वही भजनों की सरिता
February 22nd, 2020 | Post by :- | 131 Views

गंगापुर सिटी । बयाना तहसील में सूरौठ गांव के पास स्थित कलसाड़ा गांव में महाशिवरात्रि के अवसर पर गांव के शिव मंदिर पर भगवान भोलेनाथ के जागरण का आयोजन किया गया जागरण में भारी संख्या में राजस्थान सहित गुजरात से बड़ौदा अहमदाबाद आदी क्षेत्रों से आए हुए 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने पूरी रात भगवान भोलेनाथ को पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना की यह जानकारी देते हुए बारिश बाले बाबा के सेवक अनिल गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर नाथपुरा रुदावल के गायक कलाकार रोहिताश कुमार योगी एवं गोपाल दीवाने ख र का ने भगवान भोलेनाथ के सुंदर-सुंदर भजनों की प्रस्तुति देते हुए शिव पार्वती कथा का वर्णन किया इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ के मंदिर की विशेष सजावट कर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा अर्चना कर पूरी रात जागरण का आनंद लिया जागरण में इस कलयुग में मनुष्य की सभी समस्याओं एवं दुखो का निवारण करने वाले बाबा जाहरवीर , बारिश बाले बाबा एवं प्रेतराज सरकार को भी मनाया गया जागरण के दौरान बाबा जाहरवीर , बारिश बाले बाबा एवं प्रेतराज सरकार की सवारी ने दरबार में आए हुए सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद देते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जागरण की शुरुआत रात्रि 8:00 बजे से शुरू होकर प्रातः 6:00 बजे तक होने के बाद भगवान की आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण कर बाबा का आशीर्वाद लिया इस अवसर पर बाबा ने दरबार में अर्जी लगाने वाले सभी लोगों को आशीर्वाद दिया कि कोई भक्त यह नहीं सोचे की मेरा नंबर नहीं आया मेरे यहां आज जिन भक्तों की अर्जी लगी है उन सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण होगी मेरे दरबार से खुश होकर अपने घर को लौटे भगवान भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूर्ण करेगा रात्रि जागरण में नाथपुरा रुदावल के गायक श्री लोकनाथ जी के शिष्य रोहताश कुमार योगी एवं गोपाल दीवाना ने माता पार्वती के लिए बर ढूंढने से लेकर भोलेनाथ की बारात एवं विवाह का सुंदर सुंदर शब्दों में चित्रण कर सबका मन मोह लिया गायक कलाकारों का कमेटी की ओर से पुरस्कार देकर सम्मान किया गया ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।