सकेतड़ी महादेव मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भगतों की भीड़।
February 21st, 2020 | Post by :- | 208 Views

पंचकूला (मनीषा)। महादेवपुरा सकेतड़ी शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने देश के विभिन्न कोनों से पहुंचकर भोलेनाथ के दर पर शीश नवाया। वीरवार रात से श्रद्धालुओं के सकेतड़ी पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था। रात को ही श्रद्धालु लाइनों मेें लगकर भोलेनाथ के दर्शन करने लगे थे। सुबह पांच बजे तक लगभग लंबी लाइनें लग चुकी थी। चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों तरफ से मार्गों पर मंदिर में आने वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई थी। पूरा दिन बम भोले के जयकारों से शिवालय गूंजते रहे। श्री शिव मंदिर नवदुर्गा चैरीटेवल ट्रस्ट महादेवपुर सकेतड़ी प्रबंधन समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं को जल धारा के लिये विशेष रूप से गंगाजल/गड़वी की व्यवस्था की मंदिर मेें की गई थी। मंदिर के कपाट खुलते ही दूध, जल का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित होना शुरू कर दिया गया था। मंदिर कमेटी की तरफ से 200 क्विंटल दूध, 35 हजार केले, 35 हजार बोरियां बेर प्रसाद के रूप में वितरित किया गया और इतना ही प्रसाद श्रद्धालुओं द्वारा भी मंदिर में चढ़ाया गया है। आज सुबह हवन, संर्कीतन, रात को भगवान शिव की चार पहर में विधिवत रूप से की गई।

पंचकूला पुलिस और प्राइवेट सिक्योरिटी जवानों की डियूटी लगाई थी। आने वाले श्रद्धालओं की सुविधा के लिए चण्डीगढ़, मनसा देवी एवं कैंबवाला वाले रास्ते पर पाॢकग की व्यवस्था की गई थी। कतार में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये रास्ते में अस्थाई रूप से शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, मुफ्त जूता घर सेवा भी चलाई गई। लोग झूले लेते नजर आये। कई जगहों पर लोगों ने भांग के पकौड़ों के स्टॉल भी लगा रखे थे। लोग भांग के पकौड़े खाकर मस्ती झूमते नजर आये।

यहां पर नवदुर्गा मंदिर पूरे उत्तरी भारत में पहला मंदिर है, जहां पर शैलपुत्री, ब्रह्मचारणी, गुष्मांडा, स्कंधमाता, चंद्रघंटा, कत्यायानी, कालरात्रि, सिद्धीदात्री जैसी दुर्गा माता के नौ रूप दर्शाये गये हैं। इसकी परिक्रमा, फर्श, एक लंगर हाल भी तैयार किया गया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सकेतड़ी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सावन के महीने में इस मंदिर में एक मेला लगता है और सैंकड़ों श्रद्धालुओं के दल हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते हैं और श्रावण माह की शिवरात्रि को पवित्र शिवलिंग पर गंगाजल श्रद्धापूर्वक अर्पित करते हैं। सावन के महीने में जितने रविवार आते हैं, उनमें खीर पूड़े का भंडारा भी लगाया जाता है। इसके अलावा सकेतड़ी शिवरात्रि पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मनोकामनाएं मांगते हैं।

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