हरियाणा में सस्‍ती हुई बीयर,अंग्रेजी शराब महंगी, 900 रुपये से सस्‍ती नहीं होगी अंग्रेजी शराब
February 21st, 2020 | Post by :- | 126 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )    ।    हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की यहां हुई बैठक में इसे स्‍वीकृति दी गई। इसके अनुसार हरियाणा में बीयर 10 रुपये सस्‍ती हो जाएगी, ले‍किन अंग्रेजी शराब महंगी हो जाएगी। अब अंग्रेजी शराब की बोतल की न्‍यूनतम कीमत 900 रुपये होगी। इसके साथ, राज्‍य में अब शॉपिंग मॉल्स में भी शराब की दुकानें खुलेंगी। गुरुग्राम-फरीदाबाद और पंचकूला में दिल्ली की तर्ज पर रात एक बजे तक बार खुले रहेंगे और शराब विक्रेता चाहें तो हर घंटे के लिए दस लाख रुपये अतिरिक्त शुल्क देकर यह समय सीमा और बढ़वा सकते हैं। देसी शराब का कोटा 40 फीसद से घटाकर 20 फीसद पर समेट दिया गया है। अगले साल से देसी शराब की बिक्री नहीं होगी।

बिल नहीं देने पर लगेगा 5000 रुपये जुर्माना
सभी ठेकों में लगेंगी पीओएस मशीनें

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। मौजूदा वित्त वर्ष में शराब से 7500 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य पूरा नहीं होते देख आगामी सत्र में भी साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। 31 मार्च को खत्म हो रहे मौजूदा सत्र में शराब से 6600-6700 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है।

छह की जगह दो ठेकेदारों का जोन बनेगा
शॉपिंग मॉल्स में मिलेगी शराब

कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से रू-ब-रू आबकारी एवं कराधान विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा में बनने वाली अंग्रेजी शराब के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शराब कंपनियों से विदेश भेजी जाने वाली शराब को निर्यात शुल्क से मुक्त कर दिया गया है।

देसी शराब का कोटा 40 फीसद से घटाकर
20 फीसद हुआ,अगले साल से बिक्री बंद

नई आबकारी नीति में दूसरे राज्यों को भेजी जाने वाली शराब पर एक्सपोर्ट ड्यूटी चार फीसद से घटाकर दो फीसद कर दी गई है। छह जोन की जगह दो ठेकेदारों का जोन बनाया गया है जिससे नए लोगों को शराब की बोली में शामिल होने का मौका मिलेगा।

700 पंचायतों में नहीं बिकेगी शराब
कैबिनेट ने फैसला किया है कि हरियाणा की जिन 872 ग्रामसभाओं ने गांव में शराब ठेका नहीं खोलने की अर्जी दी थी,उनमें से करीब 700 गांवों में शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। कुछ ग्राम सभाओं द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर सिर्फ एक आदमी के हस्ताक्षर हैं जिनकी पुष्टि कराई जा रही कि यह प्रस्ताव ग्राम सभा ने पारित किए हैं या नहीं।

घर पर भी रख सकेंगे शराब का स्टाक
लेना होगा लाइसेंस
प्रदेश सरकार ने लोगों को अपने घर पर शराब का स्टाक रखने की अनुमति दी है। इसके लिए लाइसेंस (एल-50) लिया जा सकेगा। मैरिज पैलेस में शराब परोसने के लिए हर बार ऑनलाइन अनुमति मिलेगी जिसके लिए 7500 रुपये का शुल्क लगेगा। इसके अलावा एकमुश्त रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में दस से 40 हजार रुपये तक मैरिज पैलेस के मालिकों को देने पड़ेंगे। इंस्पेक्टरी राज खत्म कर दिया गया है। घर पर शराब रखने के इच्छुक लोगों को एक हजार रुपये की फीस देनी पड़ेगी। अगर किसी मैरिज पैलेस में बगैर अनुमति शराब की बिक्री होती मिली तो जिला आबकारी अधिकारी उसे एक साल के लिए प्रतिबंधित कर सकेंगे।

शराब की फैक्टरियों में लगेंगे सीसीटीवी
जीपीएस से होंगे कनेक्ट
शराब तस्करी रोकने के लिए सरकार सख्त हो गई है। कैबिनेट ने फैसला किया कि शराब बनाने वाली फैक्टरियों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और सभी डिस्टलरी जीपीएस से कनेक्ट होंगी। शराब की ढुलाई करने वाले वाहनों पर जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। डिस्टलरी में शराब बनाने से लेकर इसकी पैकिंग और ढुलाई तक जीपीएस के जरिये चंडीगढ़ मुख्यालय से नजर रखी जाएगी।

नई आबकारी नीति की खास बातें-
– शराब ठेकों के लिए ऑनलाइन आवेदन होगा।
– अगले साल से बॉटलिंग प्लांट में नहीं बनेगी देसी शराब।
– डिस्टलरी में लगेंगे फ्लो मीटर। इससे एक-एक बूंद शराब की निगरानी होगी।
– दस लाख रुपये के अतिरिक्त भुगतान पर शॉपिंग मॉल्स में बेची जा सकेगी शराब।
– शराब की दुकानें में लगेंगी पीओएस मशीनें। सभी बोतलें होंगी स्कैन। बिल नहीं देने पर 5000 रुपये लगेगा जुर्माना।
– बड़ी कंपनियों की तर्ज पर सरकार बनाएगी एक्साइज लैबोरेट्री।
– शराब अहातों को पूरे करने होंगे निर्धारित मानक।
– विदेशी शराब पर दो कंपनियों का एकाधिकार खत्म, दूसरी कंपनियां भी हो सकेंगी शामिल।

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