नहरबंदी से पहले पेयजल का भण्डारण हो – गौतम
February 20th, 2020 | Post by :- | 89 Views

बीकानेर  (रामलाल लावा ) जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि अधिकारी सकारात्मक सोच व विवेक के साथ पीड़ित मानव को राहत प्रदान करें। राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विभिन्न वर्गों के लिए योजनाएं संचालित है, उनमें पात्र लोगों की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता से जांच करते हुए लाभ दिलाया जाए।

गौतम गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार सहित जनता से सीधे तौर पर जुड़े विभिन्न विभागों के कार्यों की  समीक्षात्मक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उपखण्ड अधिकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए जिन्हें मुख्यमंत्री सहायता दी जानी है, उनका निस्तारण तत्काल किया जाए। इसके लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर एक-दो दिन में पीड़ित को राशि प्रदान की जाए।
गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति बाधित ना हो- जिला कलक्टर ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। मांग और आपूर्ति के अनुसार कन्टीएजेंसी प्लान तैयार किया जाए, जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी ना हो।  उन्होंने कहा कि नहर बंदी होनी है, इससे पहले गांव-गांव में प्रचार-प्रसार करें और लोगों को बताए कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार पानी का भंडारण कर ले। जिन क्षेत्रों में हैंडपंप खराब पड़े हैं, उनकी मरम्मत तुरंत करवा ली जाए। अगर हैण्डपंप बदलने हो तो बदले जाए। साथ ही जिन क्षेत्रों में पानी पहुंचना संभव नहीं है, वहां पर टैंकर के द्वारा पानी की आपूर्ति की जाए।  जिन टैंकरों के द्वारा पानी सप्लाई किया जाना है, उनकी जानकारी पोर्टल पर डाली जाए। उपखंड अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान यह भी देखें कितने ट्यूबवैल बनने हैं और कितने खराब है, इसकी जानकारी लेते हुए उनका काम 25 मार्च तक पूरा करवाना सुनिश्चित करवाएं। ग्राम सेवक, पटवारी व अन्य कार्मिक जो ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनसे पेयजल बाबत जानकारी ली जाए। उपखंड अधिकारी अपना सूचना तंत्र विकसित करें और पेयजल की नियमित रूप से माॅनिटरिंग करें। जहां भी पानी की समस्या का पता लगे, संबंधित अधिकारी को  आवश्कय कार्यवाही हेतु निर्देश किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को लगना चाहिए कि पेयजल के लिए प्रशासन संवेदनशील है।
जिला कलक्टर ने कहा कि कुछ  राजीव गांधी सेवा केंद्र में बिजली कनेक्शन नहीं हुए है। सभी केंद्रों पर बिजली कनेक्शन हो जाने चाहिए । इस संबंध में उन्होंने एसडीएम लूणकरणसर व खाजूवाला को राजीव गांधी सेवा केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए और कहा कि बिजली के अभाव में ई-मित्र केंद्रों की सेवाएं लोगों को नहीं मिलती। उन्होंने एसडीओ को निर्देश दिए कि सभी राजीव गांधी सेवा केन्द्र खुले, यह सुनिश्चित किया जाएं।
सभी ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटीकृत हो- गौतम ने का कि पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए सूचना तकनीक को एक सशक्त उपकरण के रूप में उपयोग लिया जा रहा है।
राज्य सरकार ने एक एकीकृत राज ई-पंचायत वेब आधारित प्रणाली विकसित की है, जिसका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त एवं पारदर्शी करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आंतरिक प्रक्रिया को भी सशक्त और सुव्यवस्थित करना हैं ।
उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को एकीकृत राज ई-पंचायत वेब पर रजिस्र्डड करवाया जाए। उन्होंने कहा कि उक्त प्रणाली के माध्यम से ग्राम पंचायत के कार्यकलापों, गतिविधियों, योजना निर्माण, बजट आवंटन, लेखों का संधारण, योजनाओं की निगरानी, यूसी-सीसी इत्यादि जानकारी उपलब्ध रहेगी।  उन्होंने कहा कि ई-ग्राम पंचायत बन जाने से आमजन अपनी ग्राम पंचायत के बारे में अपडेड रहेगा। उसे पता होगा कि उसकी ग्राम पंचायत में क्या-क्या सुविधाएं और ग्रामीण विकास की योजनाओं की प्रगति कैसी हैं।
विद्युत विभाग के जिले मे चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधीक्षण अभियन्ता को निर्देश दिए कि विभाग के जो भी कार्य चल रहे हैं ,उसकी सूची संबंधित उपखण्ड अधिकारी को दी जाए ताकि कार्य समय पर पूर्ण गुणवता के साथ पूरा हो सके। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा करें और जो सहायक अभियन्ता बैठक में उपस्थित नहीं होते है, उनके खिलाफ चार्जशीट प्रस्तावित की जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों के ऊपर से बिेजली की लाइन गुजर रही है, उसकी सूची दी जाए। विद्यालयों के ऊपर से लाइन जाना बहुत खतरनाक है। इसके लिए उन्होंने आगामी 10 दिनों मे सर्वे करवाने पर जोर दिया और कहा कि उपखण्ड अधिकारी इस बाबत माॅनिटरिंग करें। उन्होंने बिजली चोरी को रोकने के निर्देश दिए और कहा कि जो भी व्यक्ति बिजली की चोरी कर रहा है, उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। साथ ही बिजली चोरी की जांच के लिए अलग से जांच एजेन्सी बनाई जाए ताकि इस एजेन्सी की भनक बिजली चोरी करने वालों नहीं लग सके।
पीसीटीएस पोर्टल पर दर्ज करें सभी जानकारी- जिला कलक्टर ने कहा कि सभी उपखण्ड अधिकारी पीसीटीएस पोर्टल पर अपने-अपने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाआंे की निगरानी कर सकते है। इस पोर्टल पर उप स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और अन्य सरकारी चिकित्सालयों में क्या-क्या सुविधाएं हैं, इसकी जानकारी रहती है। उन्होंने कहा कि  गर्भावस्था, बाल ट्रैकिंग और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन प्रणाली एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर है, जिसका उपयोग चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, सरकार द्वारा एक प्रभावी योजना और प्रबंधन उपकरण के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम एचएमआईएस और गर्भवती महिलाओं और बाल ट्रैकिंग के लिए एकीकृत प्रणाली,गर्भवती महिलाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग,शिशुओं और बच्चों की ऑनलाइन ट्रैकिंग,बेहतर स्वास्थ्य निगरानी,टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी,देसी घी योजना की निगरानी,स्वास्थ्य संस्थानों की संकेतक रैंकिंग,एएनएम के लिए आवधिक कार्य योजना संचालित हो रही है या नहीं, इसकी माॅनिटरिंग करें।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. बी.एल.मीना को निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा  योजना और राजश्री योजना में जिन प्रसूता को भुगतान नहीं हुआ है, उनको भुगतान किया जाए। उन्होंने बताया कि जिले में जननी सुरक्षा योजना में 3 हजार 500 प्रसूताओं को भुगतान होना शेष है। इन सभी से मिलकर, उनके बैंक खाता सही करवाते हुए अविलम्ब भुगतान किया जाए।
बैठक में सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों, अवैध खनन, भारत माला प्रोजेक्ट, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पीएम आवास के भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजना तथा मनरेगा आदि योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र पाल सिंह, उपखण्ड अधिकारी बीकानेर रिया केजरीवाल, प्रशिक्षु आईएएस एवं कोलायत उपखण्ड अधिकारी अभिषेक सुराना, जिला रसद अधिकारी यशवन्त सिंह भाकर सहित सभी एसडीएम, पानी-बिजली, चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।