खुद का नहीं जनाधार कांग्रेस का किया बंटाधार : वीरेन्द्र गांधी
February 19th, 2020 | Post by :- | 111 Views

अम्बाला, ( गौरव शर्मा )     ।     अम्बाला कैंटोनमेंट बोर्ड के वर्तमान पार्षद एवं पूर्व उपाध्यक्ष वीरेन्द्र गांधी और सुरेन्द्र तिवारी ने हरियाणा कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा पर तलख टिप्पणी करते हुए कहा है कि खुद का नहीं जनाधार कांग्रेस का किया बंटाधार। उन्होंने कहा कि हरियाणा के असंख्य मतदाता इस बार प्रदेश सरकार की बागडोर कांग्रेस के हाथ में सौंपने का इरादा कर चुके थे। यदि कांग्रेस हाईकमान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा को स्वतंत्र रूप से हरियाणा कांग्रेस की कमान सौंपती तो आज हरियाणा में कांग्रेस की सरकार हाेती। उन्होंने कहा यह र्दुभाग्यपूर्ण है कि हरियाणा कांग्रेस की कमान कुमारी सैलजा काे सौंप दी गई। जिन्होंने निजी हितों के कारण टिकटों की बंदरबांट करते हुए ऐसे उम्मीदवारों को टिकटे दे दी। जो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए जबकि जिनकी टिकट काटी गई उन्होंने आजाद उम्मीदवार के तौर पर भी सत्तारूढ़ भाजपा समेत सभी उम्मीदवारों के छक्के छुड़ा दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की अफसोसजनक हार पर चिंतन करने की जगह कुमारी सैलजा अब अपने जमानत जब्त करवा चुके नेताओं से झूठी बयानबाजी करवाकर अपनी बौखलाहट का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि सैलजा को आत्ममंथन करना चाहिए कि जिस की टिकट कटवाने सैलजा ने पूरी ताकत लगा दी उनका जनता में क्या जनाधार है और जिनको सैलजा ने टिकट दी उनका जनता ने क्या हश्र किया आज सैलजा द्वारा अपने जिन जमानत जब्त नेताओं द्वार अखबारों में बयान लगवा रही हैं कि निर्मल सिंह का अम्बाला में कोई जनाधार नहीं है सैलजा को यह बताना चाहते हैं हमें आपसे किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है हमें और आपको जनता ने बता दिया है कि निर्मल सिंह का कितना जनाधार है जब निर्मल सिंह आपके साथ थे तब आप दो बारा भारी मतों से अम्बाला लोकसभा से चुनाव जीती और केंद्र में मंत्री बनीं मगर आपने अम्बाला के लोगों को इस लायक भी नहीं समझा कि उन्हें सरकार में कोई पद दिला सके ताकि वे अम्बाला की जनता के लिए कोई काम कर सके। जीतने के बाद तो सरकार में सभी पद आपने सिरसा और बाहर के लोगों को दिलवाए और आज आप अपने जमानत जब्त नेताओं की ओर से निर्मल सिंह को गलत बयानबाजी के लिए बाध्य करवा रही हैं। जिस अम्बाला में 15 साल आप एमपी रहीं और मंत्री रही वहां से लगभग साढे़ 3 लाख वोटों से आप चुनाव हारी वहीं दूसरी तरफ निर्मल सिंह जिनको हाईकमान ने 12 दिन पहले कुरुक्षेत्र से एमपी का चुनाव लड़ने का आदेश जारी किया उन्होंने मात्र 12 दिन में 3 लाख से ऊपर वोट लेकर यह दिखा दिया कि चौधरी निर्मल सिंह का जनाधार अम्बाला ही नहीं पूरे उत्तरी हरियाणा में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सैलजा ने जिस प्रत्याशी को अपनी जिद के आगे ड्राइंग रूम से उठाकर अम्बाला छावनी से टिकट दिया उसे खुद अपने ही बूथ से मात्र 36 वोट ही दिला पाई। इससे आप अंदाजा लगा लीजिए कि निर्मल सिंह का कितना जनाधार है और निर्मल सिंह के बिना आपका कितना जनाधार है। जिस प्रत्याशी को आपने अम्बाला शहर से टिकट दिया उस प्रत्याशी ने कोई भी ऐसी पार्टी नहीं छोड़ी जिसको उसने ज्वाइन ना किया हो और उस पार्टी ने उसे पार्टी से निकाला ना हो। अगर सैलजा इसी तरह अपनी नकारात्मक और जिद्दी सोच को बरकरार रखेंगी तो वह दिन दूर नहीं जब हरियाणा में भी कांग्रेस का दिल्ली वाला हाल हो जाएगा। अम्बाला की जनता ने पूरे हरियाणा को बता दिया है कि निर्मल सिंह का कितना जनाधार हैं यह वही सैलजा है जो महीने में दो बार अम्बाला रुकती थी। मगर विधानसभा चुनाव में अपने चहेतों की जमानत जब्त होने के बाद एक बार भी अम्बाला का रुख नहीं किया क्योंकि वह जानती हैं अम्बाला की जनता ने उनको रिजेक्ट कर दिया है। हम सभी कांग्रेस पार्टी के जमानत जब्त नेताओं की ओर से निर्मल सिंह के खिलाफ की गई गलत बयानबाजी की निंदा करते हैं और इसी नकारात्मक सोच की वजह से कांग्रेस का ग्राफ हरियाणा में गिरता जा रहा है। आज कांग्रेस जमीनी सच्चाई से आंखें मूंदे आत्म मंथन करने की जगह अनाप शनाप बयानबाजी कर रही है। निंदा करने वालों में सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री, पूर्व पार्षद जरनैल सिंह माजरा, सुरेश त्रेहन, बाबू कनौजिया, सुरेश विग, गगन डांग, सुभाष भाषी, सूबेदार सिंह, मूर्ति देवी, युवा नेता अतुल महाजन, व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र जैन, वाल्मिकी नेता रत्न लाल टांक, राजकुमार, ब्राह्मण नेता सुरेंद्र शर्मा राजू और जय धीमान शामिल हैं।

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