सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के चेयरमैन रॉकी मित्तल आज पूरे प्रदेश में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कर्मचारियों को बुनियादी स्तर पर प्रशिक्षण देने में जुटे हैं।
February 18th, 2020 | Post by :- | 116 Views

अम्बाला,अशोक शर्मा

कुरूक्षेत्र में आयोजित वर्कशाप में अम्बाला मंडल के क्षेत्रीय अमले को भी प्रशिक्षण दिया गया। सरकार की जनहित योजनाओं, परियोजनाओं, स्कीमों और नीतियों को लोगों की दहलीज और दरवाजे तक पहुंचाने के लिए किस तरह कार्य किया जाये, सम्बन्धित विषयों को लेकर भी गुर सिखाए गये। अम्बाला मंडल की चार दिवसीय वर्कशाप जो कुरूक्षेत्र के मल्टी आर्ट कल्चर सैंटर में आयोजित की गई। इसमें रॉकी मित्तल सहित कई विशेषज्ञों ने प्रचार के बदलते परिवेश के बिंदुओ पर महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
13 फरवरी से 16 फरवरी तक चले चार दिवसीय कार्यशाला में भाग लेकर लौटे यादविन्द्र, देवराज, इस्लाम मोहम्मद, लव कुमार, कर्मजीत, कर्मचंद, आनंद कुमार के अलावा पैनल की भजन पार्टियों के लीडरों ने बताया कि उन्होंने सरकार की नीतियों के साथ-साथ सरकार के 100 दिन, नशा मुक्ति, दहेज प्रथा बंद करने, राष्टï्रवाद संबधी विषयों के साथ-साथ सुशासन संकल्प विषय पर भी सोंग लिखने का नया तजुर्बा हासिल किया। कर्मचारियों का कहना है कि वे नये तरीके से सरकार की नीतियों प्रसार में प्रचार-प्रसार का कार्य करेगे।
इस संदर्भ में जब रॉकी मित्तल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुख्य उद्देश्य नये तरीके से सरकार की नीतियों का प्रचार करना है। सुशासन संकल्प के साथ-साथ नशा मुक्ति को लेकर इस तरह के गुर सिखाए जा रहे हैं ताकि आम जन तक प्रभावशाली तरीके से पहुंच सकें। उनका यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का वह सपना जिसमें वह हर अंतिम व्यक्ति तक सरकार की सुविधाएं पहुंचाने की बात कहते हैं हमें उनकी बातों और सपनों को साकार करते हुए सरकार की नीतियों का प्रचार करना है ताकि सभी सम्बन्धित लाभान्वित हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि देशी धुनों पर संगीत के दृष्टिïगत सोंग तैयार करवाये जा रहे है और इसकी शुरूआत कर दी गई है। इतना ही नहीं वंदे मातरम राष्टï्रगीत को लेकर हरियाणवी धुन बनाई जा रही है जो जोश भरने का काम करेगी।
रॉकी मित्तल ने यह भी कहा कि समाज में व्यापक कुरूतियों और बुराईयों को खत्म करने के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर उनका सहयोग लेकर काम शुरू कर दिया गया है। जिस गांव में जाते हैं उस गांव में सबसे पहले बुजुर्गों के बीच में बैठकर उनको विश्वास में लेकर युवाओं को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए काम की शुरूआत की जाती है। इतना ही नहीं शहरों में भी युवा पीढ़ी को स्कूलों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ अन्य समारोहों में भी नशे की बुराईयों से बचने संबधी विषय को लेकर जागरूक किया जाता है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा जो भी बड़े प्रोजैक्ट शुरू किये गये है उनके बारे में भी समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। कार्यालय के कर्मचारियों ने भी कुरूक्षेत्र में रॉकी मित्तल द्वारा कार्यशाला के दौरान बताए, सिखाए और दर्शाए गये निर्देशों की सराहना की है।

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