वृक्षारोपण कार्य भ्रष्ट अफ़सरों की बांट चढ़ी, करोड़ो के घोटाले की आशंका
August 30th, 2019 | Post by :- | 272 Views

छत्तीसगढ़ (राजनांदगांव) खैरागढ़ । वनों से आच्छादित छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िला अंतर्गत खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के देवरी, आमदनी व विक्रमपुर बीट में वन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

आपको बता देकि वृक्षारोपण कार्य हेतु इनके द्वारा चारागाह भूमि को वृक्षारोपण हेतु आरक्षित भूमि बताकर वृक्षारोपण हेतु आये राशी में गमन की आशंका जताई जा रही है।

ज़िला वन अधिकारी, रेंज अफ़सर समेत अनेक जिम्मेदार पदों पर पदस्थ वनविभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक इस हेतु संलिप्तता बताई जा रही है।

वृक्षारोपण हेतु आये नवजात पौधों को कर्मचारियों द्वारा इधर उधर फेंक दिया गया है। पर्यावरण बचाने के लिए शासन प्रशासन स्तर पर अरबों के खर्च में कई योजनाएं बनाई जाती हैं पर जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के कारण योजनाओं का क्रियांवयन नही हो पाता है।

छत्तीसगढ़ में वन अमले द्वारा लगातार भ्रष्टाचार किया जाते रहा है परंतु शासन प्रशासन की चुप्पी इनके साथ मिलीभगत को इंगित करता है, ऐसा ही रह तो वनों से आच्छादित छत्तीसगढ़ राज्य जल्द वृक्ष विहीन राज्य में तब्दील हो जाएगा।

वृक्षों के रक्षण व विकास हेतु पर्यावरण हित को धयकन में रखते हुए राष्ट्रीय हरित नियामक आयोग, पर्यावरण मंत्रालय व अन्य सर्वोच्च संस्थानों को इस पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही किया जाना चाहिए।

खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के बीट क्रमांक 304 पर ही लगभग सौ एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण कियक जाना था।

भ्रस्टाचार की चपेट में आये वृक्षारोपण की इस विषय में पड़ताल अभी जारी है, आगे की ख़बर हेतु बने रहे लोकहित एक्सप्रेस के साथ।
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