राम गोपाल मंदिर डमटाल की गोशाला में तैनात बेलदारों के साथ मंदिर प्रशाशन ओर ठेकेदार कर रहा है बेतन को लेकर शोषण, मजदूर बोले के अगर सरकार द्वारा तय बेतन नही दिया तो हम सब बैठेगे हड़ताल पर
February 12th, 2020 | Post by :- | 118 Views
लोकहित एक्सप्रेस(कांगड़ा)
इंदौरा विधानसभा की राम गोपाल मंदिर डमटाल की गौशाला जो एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। दरअसल मुद्दा यह है कि यहां पर कार्यरत कर्मचारियों ने राम गोपाल मंदिर प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमें मंदिर प्रशासन द्वारा एक बार महीने की 7500 रुपए सैलरी मिली थी लेकिन उसके बाद हमें हर महीने 225 रुपए दिहाड़ी के हिसाब से महीने की 6750 रुपए सैलरी मिलती है जो कि उनके साथ अन्याय है, यहां पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि हमें मन्दिर प्रशासन ने इस गोशाला में 3 साल पहले रखा था और उनके द्वारा ही हमें सैलरी मिलती थी जो कि मंदिर सरकार के अधीन है।
लेकिन अब हमें पता चला है कि उन्हें ठेकेदार के अधीन कर दिया है और अब उन्हें सैलरी ठेकेदार द्वारा दी जाएगी। क्योंकि राम गोपाल मंदिर की गौशाला अब ठेकेदार को दे दी गई है जो कि इनके साथ अब अन्याय किा जा रहा है उन्होंने बताया कि वो यहां पर 8 कर्मचारी काम करतें हैं। जिनमें एक डॉक्टर है उन्होंने यह कहा कि अगर हमारी मांगों को न सुना गया तो हम 5 दिन बाद हड़ताल कर देंगे क्योंकि एक तो उनको सैलरी 7500 से कम मिल रही है और दूसरा ठेकेदार द्वारा यह कहा जा रहा है कि अगर आप लोंगों ने काम इस सैलरी पर करना है तो करें नहीं तो आप लोगों को निकाल कर दूसरे प्रवासी प्रदेश वासियों को रख लिया जाएगा।
ठेकेदार पर लगाए कर्मचारी ने आरोप
वहीं गौशाला कर्मचारी ने ठेकेदार पर यह आरोप लगाए की उक्त ठेकेदार द्वारा मन्दिर की भूमि पर अवैध तरीके से खनन करवाया जा रहा है। जिसमें वो साथ खड़ा होकर जेसीबी से खनन करवाता है।
गौशाला में कम चारे के कारण मर रही गायें
उक्त कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जो गायें पिछले दिनों मर गई थी उनका मुख्य कारण भूख से मरणा था क्योंकि यहां पर पर्याप्त खाना इन पशुओं को नहीं खिलाया जाता।उन्होंने बताया कि पहले 8 क्विंटल हरा चारा आता था अब कुछ दिनों से प्रतिदिन 12 क्विंटल हरा चारा आना शुरू हो गया और 10 क्विंटल फ़ीट चोखर महीने की आती है। उन्होंने बताया कि यहां रोजाना 40 क्विंटल से ऊपर हरा चारा आये तो इन पशुओं की भूख मिट सकती है और एक पशु के हिस्से रोजाना 1 किलो फ़ीट चोखर उनको मिले।
क्योंकि यहां 350 के करीब पशु हैं और और उस ढंग से 350 किलो फ़ीट रोज इनको चाहिए लेकिन फीड महीने की 10 क्विंटल आती है जो कि इन बेजुबान पशुओं से अत्याचार हो रहा है। वहीं उन्होंने मंदिर प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमें 7500 के हिसाब से वेतन नहीं दिया गया तो हम गोशाला में बैठकर मंदिर प्रशासन के खिलाफ हड़ताल पर बैठ जाएगें। जिसकी सारी जीमेबारी एसडीएम इंदौरा की होगी।
वहीं इस बात को जानने के लिए उक्त ठेकेदार पुष्पिंदर से बात हुई तो उन्होंने कहा कि यह गौशाला उन्होंने अभी हाल ही में ठेके पर ली है और जो यह सैलरी की बात कर रहें हैं जो इनकी सैलरी बनती है उनको दी जाएगी। उक्त खनन वाली बात को उन्होंने नकारते हुए यह कहा कि मेरे द्वारा खनन कभी भी नहीं करवाया गया अगर कोई यह बोल रहा है तो वो झूठ बोल रहा है। इस विषय पर जब उपमंडलाधिकारी नागरिक गौरव महाजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास इस विषय में कोई जानकारी नहीं है जब मेरे पास शिकायत की जाएगी उसके उपरांत ही मैं कुछ बोल सकता हूं।
अब सवाल यह है कि अगर यह कर्मचारी उपमंडलाधिकारी नागरिक को शिकायत करने उनके कार्यालय में जाते हैं तो इनकी अनुपस्थिति में इन बेजुबान पशुओं की देखभाल कौन करेगा।

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