चित्रा सरवारा ने डेरा बाबा लाल दास श्री गुरू रविदास मंदिर कपालमोचन में  माथा टेका
February 12th, 2020 | Post by :- | 101 Views

हरियाणावासियों के सुखद भविष्य के लिए की कामना

अम्बाला, ( गौरव शर्मा )     ।    ऋषि मुनियों की तपो भूमि एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल डेरा बाबा लाल दास श्री गुरू रविदास मंदिर कपालमोचन में आज हरियाणा डैमोक्रेटिक फ्रंट की नेत्री चित्रा सरवारा ने माथा टेका और गद्दनशीन संत निर्मल दास जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

यहां उन्होंने हरियाणावासियों के सुखद भविष्य के लिए कामना की। इस अवसर पर डेरे का महत्व बताते हुए गद्दीनशीन संत निर्मल दास महाराज ने बताया कि श्री गुरु रविदास जी ने यहां 1500 ई. में श्रद्धालुओं को पवित्र संदेश दिया था। श्री गुरु रविदास जी ने यहां पर मौजूद एक बेरी के पेड़ के पास गहरा गड्‌ढा खोदकर पानी पिया था जिसे बाद में एक कुए का रूप दे दिया गया जो आज भी उसी जगह पर मौजूद है। ऐसी मान्यता है कि इस कुए का पानी पीने से लोगों को चर्म रोग जैसी बीमारियों से राहत मिलती है। इस अवसर पर चित्रा सरवारा ने कि

श्री गुरु रविदास जी एक महान संत, दर्शनशास्त्री, कवि, समाज सुधारक और ईश्वर के अनुयायी थे। वे निर्गुण साम्प्रदाय अर्थात् संत परंपरा में एक चमकते हुए नेतृत्वकर्ता और दिव्यआत्मा थे। संत रविदास जी को मीरा बाई के आध्यात्मिक गुरु के रुप में माना जाता है जो कि राजस्थान के राजा की पुत्री और चित्तौड़ की रानी थी। वे संत रविदास के अध्यापन से बेहद प्रभावित थी और उनकी बहुत बड़ी अनुयायी बनी। वास्तविक धर्म को बचाने के लिये रविदास जी को ईश्वर ने धरती पर भेजा था क्योंकि उस समय सामाजिक और धार्मिक स्वरुप बेहद दु:खद था। इंसानों की ओर से ही इंसानों के लिये ही रंग, जाति, धर्म तथा सामाजिक मान्यताओं का भेदभाव किया जाता था। वे बहुत ही बहादुरी के साथ सभी भेदभाव को स्वीकार करते और लोगों को वास्तविक मान्यताओं और जाति के बारे में बताते। वे लोगों को सिखाते कि कोई भी अपने जाति या धर्म के लिये नहीं जाना जाता, इंसान अपने कर्म से पहचाना जाता है।

चित्रा सरवारा ने यहां डेरे की ओर से किए जा रहे समाजसेवा के अनेक प्रकल्पों का अवलोकन करते हुए संत निर्मल दास महाराज के समाज कल्याण के कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा की।

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