लाखों रुपए से बनी जनता जल योजना, रामस्वरूप के घर की तरफ़ 56 हजार रुपये की डाली गई नई पाइप लाइन फिर भी पेयजल को तरसते लोग।
February 11th, 2020 | Post by :- | 339 Views

लोकहित एक्सप्रैस(सतनाम मांगट)।श्रीगंगानगर से श्रीविजयनगर से आज ऐसी खबर आई जिसने, प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोल दी। वैसे तो गेहलोत राज को सुशासन का दौर कहा जाता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में गेहलोत के कार्यक्रम से सूखा और अकाल की किवंदती भी प्रचलित हैं और आजकल जिस प्रकार जल दाय मंत्री बुलाकिदास कल्ला इस कार्यकाल के दौरान पेयजल संकट दूर करने की बातें करते वहीँ प्रशासन भी उनका अनुसरण करने के लिए ततपर रहता है लेकिन पंजाबी में एक बड़ी रोचक लोकोक्ति ह की”ड़क्का तोड़ना नहीं!!आखा मोड़ना नहीं!!”बस ऐसा ही हाल प्रशासन का है वह भी हवाई निर्देश जारी करते हैं ऐसा ही वाक्य आज सामने आया क्योंकि कल श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ बैठक की उसमें अतिरिक्त जिला कलेक्टर सतर्कता अरविंद जाखड़ ने अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कहि भी अवैध रूप से पेयजल बर्बाद नहीं होना चाहिए, कहीं ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत का सामना नही करना पड़े।जहां कहि लिकेज हैं बन्द करके उचित पेयजल व्यवस्था सुचारू रखें,बन्दी को ध्यान में रखकर पेयजल भंडारण किया जाए।पेयजल संकट से ग्रामीणों को कहीं भी जूझना न पड़े, जबकि इसके उलट आज ग्राम पंचायत बिलोचिया के चक 12 बी एल एम में ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि गत 4 महीने से वे पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं उनके द्वारा कई बार अपने जनता जल योजना कर्मचारियों को सूचना दी गई लेकिन कोई हल नहीं हुआ उन्होंने अपने वार्ड पंच व सरपँच तक इसकी जानकारी दी लेकिन कोई हल होने के बजाए सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है आज भी ग्रामीण अपने बैल गाड़े पर पेयजल ढोने को मजबूर हैं लेकिन गांव में हाल ही में नवनिर्मित डिग्गियों में पेयजल भंडारण किया हुआ है लेकिन कर्मचारियों की भयंकर लापरवाही से ग्रामीण आज भी महरूम है पेयजल के लिए। गांव में पयेजल जनता जल योजना के द्वारा उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत पर है इसके चलते जल स्वास्थ्य  अभियांत्रिकी विभाग भी पल्ला झाड़ लेता है और कर्मचारियों की लापरवाही दिन ब दिन बढ़ रही है, क्योंकि एक कर्मचारी के पिता पूर्व में वार्ड पंच थे दूसरे कर्मचारी की पत्नी इस बार वार्ड नं 3 से पंच हैं तो वार्ड पंच के प्रतिनिधि के रूप में कर्मचारी लगभग पंचायती करते फिरते हैं और जनता पेयजल के लिए तरसते रहती है।ग्राम पंचायत बिलोचिया के गांव 12 बी एल एम में जनता जल योजनाओं के जीर्णोद्धार के तहत गत वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत 500 करोड़ धन राशि में से 83 लाख 96 हजार रुपये खर्च किए गए हैं ,रामस्वरूप के घर की तरफ नई पाइप लाइन लगभग 56 हजार की लागत से डाली गई 7 हजार रुपये का पाईप की फिटिंग पर खर्चा किया गया फिर भी रामस्वरूप के मौहल्ले में पेयजल नहीं उपलब्ध हुआ, रामस्वरूप आज भी बैल गाड़े पर पानी लाता, आज भी ग्राम पंचायत के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध नहीं है।

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