डा0 संगीता गोयल ने बताया कि बच्चों में पेट के कीड़े समाप्त करने के लिए वर्ष में 2 बार कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाता है
February 10th, 2020 | Post by :- | 72 Views
 अम्बाला  :अशोक शर्मा
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 फरवरी 2020 के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय कार्यक्रम का उदघाटन डा0 संगीता गोयल कार्यकारी सिविल सर्जन अम्बाला द्वारा तुलसी पब्लिक स्कूल, अम्बाला शहर के प्रांगण में बच्चों को कृमि नाशक गोली एलबैंडाजोल खिलाकर किया गया। इस अवसर पर रीटा मुनजाल, स्कूल निदेशक एंव प्रधानाचार्य, एच. बी. मुनजाल, चेयरमैन, सौरभ कपूर, सचिव व स्वास्थ्य विभाग से डा0 विशाल गुप्ता, अर्बन नोडल अधिकारी चाईल्ड हैल्थ, डा0 नेहा कौशिक जिला किशोर स्वास्थ्य अधिकारी, डा0 तम्मना, डा0 रोबिन,  ए.एम.ओ. नरेन्द औषधिकारक, रितिका, व स्कूल के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।
डा0 संगीता गोयल ने बताया कि बच्चों में पेट के कीड़े समाप्त करने के लिए वर्ष में 2 बार कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाता है जो कि फरवरी व अगस्त में होता है। इस अभियान के दौरान एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नाशक गोली के सेवन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल  विकास विभाग, पंचायती राज व अन्य सहयोगी विभागों/गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता गतिविधियां की जाती हैं ताकि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाया जा सके व बच्चों को मानसिक व शारिरिक तौर पर स्वस्थ बनाया जा सके। इसके साथ साथ यह भी बताया कि यह गोली भरपेट खाना खाने के बाद सेवन करने से ही अधिक लाभ होता है। इसलिए खाली पेट गोली न खाने की सलाह दी जाती है। यदि बच्चा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बीमार हो या अन्य किसी समस्या से ग्रस्त हो तो यह गोली 17 फरवरी 2020 को खाना खाने के बाद खिलाई जायेगी। कृमि संक्रमण का बच्चों की सेहत पर गहरा असर पड़ता है जिससे खून की कमी, भूख न लगना, कमजोरी और बेचैनी, पेट में दर्द, उल्टी और दस्त, वजन में कमी आना आदि रोग हो सकते हैं। इसलिए बच्चों में कृमि नियंत्रण से इन रोगों से मुक्ति पायी जा सकती है। उन्होंने बच्चों, अभिभावको एवं अध्यापकजनों को बच्चों की उम्र के हिसाब से गोली चबाकर खाने बारे विस्तार से बतलाया। स्कूल छात्र-छात्राओं द्वारा कृमि मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वंदना से किया गया। तत्पश्चात स्कूली बच्चो द्वारा अतिरोचक नाटिका प्रस्तुत की गई जिसके द्वारा कृमि संक्रमण के कारण व बचाव के विषय में विस्तार से बताया। इस प्रकार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पूरे जिलेभर में बहुत ही उत्साह के साथ मनाया गया एवं इसके अंर्तगत   86.7 प्रतिशत बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई गई। इस अभियान के तहत शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायती राज व अन्य सहयोगी विभागों/गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग सराहनीय रहा।

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