16 मार्च को करनाल में होने वाली स्वाभिमान रैली का न्योता देने कैथल पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, अशोक तंवर
February 8th, 2020 | Post by :- | 90 Views
कैथल, लोकहित एक्सप्रैस, (ब्यूरो चीफ विशाल चौधरी ) ।कैथल में आज स्प्रिंग फिल्ड पैलेस में 16 मार्च को करनाल में होने वाली स्वाभिमान रैली का न्योता देने कैथल पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, अशोक तंवर, कार्यकर्ताओ ने फूल -मालाओ से स्वागत किया 
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि आप काफी दिनों के बाद अचानक नजर आए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए। अशोक तंवर ने कहा कि मैं कभी गायब नहीं हुआ. 5 साल में पूरी तरह सक्रिय था। और केवल मैं ही सक्रिय था। बाकी तो सब एयरकंडीशन कमरों में रजाई ओढ़ कर सो रहे थे और वह लोग अभी वहीं पर है। और मेरी जो भूमिका संघर्ष की है आगे और मजबूती के साथ निभाता रहूंगा, मित्रों के साथ लगातार मीटिंग जारी है और आने वाली 16 मार्च को सभी साथी करनाल में। एक रैली का आयोजन कर रहे हैं स्वाभिमान रैली। का आयोजन कर रहे हैं। उसी के लिए सब के साथ मीटिंग का का दौर चल रहा है।
 
भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार का हाल तो आपने देखा ही है। बस बाल-बाल ही बची है।
 पत्रकारों ने पूछा कि आप किसी पार्टी के साथ मिलकर काम करेंगे या अपने नई पार्टी बनाएंगे इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से मीटिंग में की जा रही है , कार्यकर्ताओं की सलाह पर ही होगा जो भी वह फैसला लेंगे वह किया जाएगा। जो उस समय के समय में ठीक था उस समय वह निर्णय लिया गया और जो आज के समय में ठीक होगा वह निर्णय लिया जाएगा।
 पत्रकारों ने पूछा कि आपके कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी का ग्राफ डबल हुआ है, पार्टी में आपसी खींचातानी थी या आपका नेतृत्व ठीक नहीं था आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
 इस पर बोलते हुए अशोक तवर ने कहा कि यह लोगों की गलतफहमी है। यह परिणाम कार्यकर्ताओं के संघर्ष का है अन्यथा 20 दिन में यह लोग क्या कर लेते हैं? इन लोगों के परिणाम तो आने वाले समय में आएंगे।
पत्रकारों ने पूछा कि जब आपसे पूछा जाता था कि पार्टी में फूट है तो आप मना कर देते थे इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। अशोक तवर ने कहा कि पार्टी के मुखिया घर की बात को ढक कर रखना होता है ना कि उजागर करना। इसलिए जो जिम्मेदारी। उस समय मेरे ऊपर थी मैं उसे बखूबी निभा रहा था।
 
पत्रकारों ने फिर पूछा कि लोग कह रहे हैं कि मैं कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन से हरियाणा में कांग्रेस का ग्राफ बढा है इस पर दोबारा। अपनी प्रतिक्रिया देते हुएखा की  यह उन लोगों की गलतफहमी है। बिना नाम लिए कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते अर्थात नेतृत्व परिवर्तन नहीं करते। हमें तो हरियाणा में सरकार बनने जा रही थी। जो लोग 5 साल सड़कों पर रहे धरने प्रदर्शन किए लोगों के सुख-दुख में गये  उन लोगो की मेहनत का परिणाम है और और बाटे करने वाले लोग वो  लोग आज भी ऐसे ही बैठे हैं। और आज कह रहे हैं कि इतने घोटाले हुए हैं यह सब घोटाले पुराने।
  आगे की रणनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो हमारे संघर्ष के समय के कार्यकर्ता हैं वह जो फैसला करेंगे वही हमारी रणनीति है।

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