कल से शुरू होगा 12 दिवसीय सरस् मेला, शिक्षामंत्री करेंगे उद्घाटन
February 7th, 2020 | Post by :- | 145 Views

 

यमुनानगर (सुरेश अंसल)। नई अनाज मंडी में 12 दिवसीय सरस् मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि शनिवार को शिक्षा मंत्री कंवरपाल दोपहर दो बजकर तीस मिनट पर मेले का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि मेले में देश भर के शिल्पकार अपनी कलाकारी का परिचय देंगे। इसमें जम्मु की शाल व जैकेट, असम के बांस उत्पाद, गोरखपुर उत्तरप्रदेश की टेराकोटा की मूर्तिया और लखनऊ की प्रसिद्घ हस्तशिल्प रहेंगी। यह मेला हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से यमुनानगर-जगाधरी अनाज मण्डी में 9 से 20 फरवरी तक सरस मेला 2020 का आयोजित होगा। इस मेले में लगाई जाने वाली भव्य प्रदर्शनी में 250 से अधिक स्टालों पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पारम्परिक ग्रामीण कलाकार और हस्तशिल्पकार अपना उत्पाद प्रदर्शनी में सजाएगें और जिलावासियों को एक ही स्थान पर देश के अन्य राज्यों के उत्पाद देखने व खरीदने का अवसर मिलेगा।
उपायुक्त ने बताया कि इस मौके पर स्कूली बच्चों व कलाकारों द्वारा रगांरंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएगें। उन्होंने बताया कि यह मेला 20 फरवरी तक चलेगा और प्रतिदिन सायं 5 बजे सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी । जिसमें स्कूल, कालेज के विद्यार्थी व प्रदेश के विख्यात कलाकार दर्शकों का मनोरंजन करेंगें। उन्होंने बताया कि इस मेले का आयोजन अतिरिक्त उपायुक्त भारत भूषण कौशिक की देखरेख में किया जा रहा है । एस.डी.एम. बिलासपुर नवीन आहूजा को मेला अधिकारी की जिम्मेवारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि मेले के सभी प्रबंध अंतिम चरण में है और बाहर से आने वाले कलाकारों व शिल्पकारों के ठहरने व यातायात इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
अतिरिक्त उपायुक्त भारत भूषण कौशिक ने बताया कि इस मेले में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के माध्यम से देश के सभी प्रमुख राज्यों के कलाकारों व शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है। मेले में पारम्परिक और हस्तशिल्प के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। इसके अलावा जम्मु की शाल, जैकेट, असम राज्य के बांस से बने घरेलू साज-सज्जा व दैनिक उपयोग के अन्य उत्पाद, गोरखपुर उत्तरप्रदेश की टेराकोटा की मूर्तियां, लखनऊ उत्तर प्रदेश की प्रसिद्घ हस्तशिल्प के साथ-साथ विभिन्न स्वयं सहायता समूह द्वारा अपनी पारम्परिक कला के आधार पर तैयार किए गए आकर्षक उत्पाद इस मेले का विशेष आकर्षण रहेंगे। उन्होंने बताया कि यह मेला प्रतिवर्ष एक जिला में आयोजित किया जाता है। अब से पूर्व पंचकूला और अम्बाला जिलों में सरस मेले आयोजित किए जा चुके है और इस वर्ष मेले की मेजबानी के लिए यमुनानगर जिला को चुना गया है। उन्होंने जिला वासियो से अनुरोध किया है कि वह इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर देश के विभिन्न राज्यों की कला से रूबरू हो और जो सामान पसंद आता है उसे खरीद भी सकते है।

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