सरस्वती शिशु मंदिर के संकुल केंद्र उरमाल का एक दिवसीय आवर्ती वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर गोहरापदर में हुआ सम्पन्न
अमलीपदर_गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत आने वाले नवीन तहसील अमलीपदर क्षेत्र में दिनांक 27 जुलाई 2025 को सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति जिला गरियाबंद के योजना अनुसार उरमाल संकुल केंद्र से एक दिवसीय आवर्ती वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर गोहरापदर में आयोजन किया गया उदघाटन सत्र में सरस्वती शिशु मंदिर गोहरापदर के संचालन समिति अध्यक्ष श्री गोवर्धन मांझी जी पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री डमरूधर यादव सचिव संचालन समिति श्री चंद्रशेखर नागेश जी जिला ग्राम भारती के सदस्य श्री रमाकांत बेहेरा जी प्रधानाचार्य संकुल प्रमुख श्री राजेश कुमार चक्रधारी प्राचार्य सह संकुल प्रमुख उपस्थित रहे श्री नागेश जी ने संघ के पांच परिवर्तन के विषय में जानकारी दिए एवं आज के मुख्य अतिथि मांझी जी ने अनुशासन के बारे में सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अलग इसकी छवि है इस विषय पर आचार्यों को बताएं शारीरिक अभ्यास तीर्थों राम यादव जी श्री भीष्म राम खरे जी एवं बघेल जी ने सभी आचार्यों को शारीरिक अभ्यास करवाए प्रार्थना अभ्यास श्री रमाकांत बेहरा जी द्वारा सामूहिक करवाया गया गणित शिक्षण श्री रमेश कुमार राजपूत जी संकुल समन्वय तेतलखूंटी के द्वारा मार्गदर्शन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार किया गया एवं भगवान राम पांडे संकुल समन्वयक गोहरापदर के द्वारा भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ शिशु वाटिका प्रशिक्षण कक्षा अरुण से द्वितीय तक पढ़ाने वाले आचार्य दीदियों को श्रीमती भाग्य मंजूरी एवं एनीता कश्यप जी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया श्री अखिलेश पाटकर जी द्वारा पर्यावरण शिक्षण इस विषय पर मार्गदर्शन प्रयोग आधारित पर हुआ। श्री बालराम जी द्वारा विभिन्न गतिविधि संकुल जिला एवं प्रांत के खेलकूद बौद्धिक एवं अन्य की जानकारी अंतिम कालांश में दी गई। समापन सत्र में मुख्य अतिथि श्री गौरी शंकर कश्यप जी जिला पंचायत अध्यक्ष का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। समापन कार्यक्रम में गोहरापदर संचालन समिति के सदस्य श्री भगवानो राम पांडे श्री रमेश कुमार राजपूत श्री दिलेश्वर शर्मा श्री नारायणप्रसाद सिन्हा श्री राजेश दौरा श्री रश्मि रंजन यादव उपस्तिथ रहे। आवर्ती वर्ग मे आचार्य 40 एवं दीदी 21 कुल 61 आचार्य दीदी उपस्थित रहे इस कार्यक्रम का संचालन श्री नीलांबर यादव जी ने किए कार्यक्रम का आभार संकुल प्रमुख रमाकांत बेहरा जी के द्वारा किया गया एवं वंदे मातरम के पश्चात कार्यक्रम की समापन हुआ।





