NUJ की मांग- फर्जी पत्रकारों को बाहर करने को बने नेशनल जर्नलिस्ट रजिस्टर, हर पत्रकार को दे सुविधा
February 3rd, 2020 | Post by :- | 297 Views

जयपुर/ बद्दी राज कश्यप ।।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आज रविवार को परशुराम महासभा राज जयपुर के सभागार में शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव शिवकुमार अग्रवाल ने की। बैठक में राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली चर्चा हुई। बैठक में पूरे देश भर से आए करीब ढाई सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्य में आ रहे पत्रकारों की समस्याओं पर अपने विचार रखें।

एन यूजे के पूर्व अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया ने सरकार से नेशनल जर्नलिस्ट रजिस्टर बनाने की मांग की है। ताकि कानूनी तौर पर पत्रकार की परिभाषा तय हो सके। वर्तमान में पत्रकार केवल नाम का चौथा स्तम्भ रहा है। ऐसे में जब पत्रकार की कोई परिभाषा नहीं है । उन्होंने कहा कि नेशनल जर्नलिस्ट रजिस्टर बनने से सभी पत्रकारों का रिकॉर्ड बन जायेगा और किसी पत्रकार द्वारा फर्जीवाड़ा करने की सूरत में उसे बाहर निकाला जा सकेगा अन्यथा फर्जी लोगों पर कोई कार्रवाई न होगी और असल पत्रकार के हित सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बने कानून भी सख्ती से लागू होंगे और पत्रकारों की खो रही गरिमा को वापस लौटाया जा सकेगा।

राजस्थान के पत्रकार जगत की शख्सियत गोपाल शर्मा ने मंच से बोलते हुए पत्रकारों की अपने कर्म भूमि की याद दिलाई कि वह विषम परिस्थिति में भी कैसे अपने आप को सशक्त साबित कर सकता है और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी व पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान भैरव सिंह शेखावत एवं उपराष्ट्रपति भारत सरकार का उदाहरण देकर अपनी बात पत्रकार जगत के साथियों के सामने रखी उन्होंने कहा सही को सही और गलत को गलत केवल एक पत्रकार ही बोल सकता है और पत्रकारों के हित में क्या और कैसे किया जा सकता है इस पर भी अपनी बात रखी।

HPUJ अध्यक्ष रणेश राणाहिमाचल प्रदेश इकाई के राज्य अध्यक्ष रणेश राणा ने कहा कि पत्रकारों को पेंशन सुविधा दी जानी चाहिए और इसके अलावा मान्यता प्राप्त मंडल स्तर के पत्रकारों को राज्य सरकार द्वारा लैपटॉप सुविधा भी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फील्ड में कार्य कर रहे पत्रकार भी उतनी ही मेहनत करते हैं, जितना कि मुख्यालय पर बैठे मान्यता प्राप्त पत्रकार।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सामुदायिक बीमा योजना के तहत पत्रकारों को शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हिमाचल में एनयूजेआई की कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। इस संगठन के साथ ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों को जोड़ा जाएगा ताकि सभी पत्रकार एक मंच पर आकर प्रदेश में उनके साथ हो रहे भेदभाव या किसी अन्य प्रकार की समस्याओं को जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके।

रणेश राणा ने कहा कि हिमाचल में अब तक 500 से अधिक पत्रकार इस संगठन से जुड़ चुके हैं। जल्द ही इसकी संख्या 2000 तक की जाएगी। हर गांव, मंडल व जिला मुख्यालय के पत्रकारों को इस संगठन के साथ जोड़ा जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुमित शर्मा, जितेंद्र ठाकुर, जोगिंद्र देव आर्य, सीमा शर्मा गोपाल दत्त शर्मा, रोहित, रविंद्र तेजपाल, जगमोहन शर्मा समेत अन्य पत्रकार शामिल रहे।

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