बुडाबढ़ के सरकारी हस्पताल में तैनात डॉक्टर पवन मनमर्जी से करता है मरीजो का चेकअप , इस डॉक्टर के व्यवहार से मरीजो के साथ साथ उनके साथ आने बाले लोग भी तंग
February 2nd, 2020 | Post by :- | 311 Views

लोकहित एक्सप्रेस(व्यूरो कांगड़ा)

एक तरफ यहाँ पूरा देश करोना बायरस को लेकर सहमा हुआ है दूसरी तरफ यहाँ सरकारी हस्पतालों में इस बायरस से पूरी तरह निपटने को लेकर स्वस्थ्य बिभाग द्वारा बड़े बड़े दावे किये जा रहे है की बिभाग इस वायरस को टक्कर देने को पुरी तरह तैयार है ।परंतु दूसरी तरफ आज सरकारी दावों की उस समय पोल खुली जब

हिमाचल पंजाब की सीमा पर स्थित ठाकुरद्वारा से मात्र 400 मीटर की दूरी पर पंजाब के कस्वा बुडाबढ़ के प्राथमिक स्वस्थ केंद्र में ठाकुरद्वारा का एक व्यक्ति अपनी पत्नी को बीमारी की सीरियस हालात में इलाज हेतु कार में लेटाकर बुडाबढ़ के सरकारी हॉस्पिटल में लेकर आया और मौके पर हॉस्पिटल की ओपीडी में तैनात डॉक्टर ने इलाज करना तो दूर की बात मरीज के साथ आए उसके पति को गाली गलौच करना शुरू कर दिया और यहाँ तक की बाजुयो को कूदता हुआ मारपीट करने पर उतारू हो गया । जानकारी देते हुए मरीज औरत के पति वरिंदर शर्मा निबासी ठाकुरद्वारा ने बताया के आज उसकी पत्नी अचानक घर मे बेहोश हो गई ।और बेहोशी की हालत में मैं दोपहर 12 बजे उसको कार में डालकर बुडाबढ़ के सरकारी हॉस्पिटल में ले आया उस समय उसकी हालत सीरियस बनी हुई थी । उसने कहा के मैं गाड़ी को खड़ी करके सीधा ओपीडी में गया और ओपीडी में उस समय पवन नामक डॉक्टर बैठा हुआ था । मैंने उसको कहा के डॉक्टर जी कृपया गाड़ी में मरीज बेहोश पडा हुआ है कृपया चेक करो जी अगर आपकी समझ मे स्थिति आती है तो ठीक है नही तो आप हमें आगे किसी अन्य हॉस्पिटल में जाने को बोल दो । ओपीडी से कार की दूरी मात्र 20 मीटर ही थी । और मुझे डॉक्टर ने बोला के एक अन्य डॉक्टर मेरे साथ बाले ओपीडी कमरे में है उसको ले जाओ । जब मैं दूसरे कमरे की तरफ गया तो उसपर ताला लगा हुआ था । फिर मैंने डॉक्टर को बोला के मरीज की हालत ठीक नही है आप ही चलो तो फिर डॉक्टर बोला के बन्द कमरे के साथ एक ओर ओपीडी है उसमें डॉक्टर बैठा है उसको ले जाओ। मैं उस कमरे की तरफ गया तो उसको भी ताला लगा हुआ था । और दूसरी तरफ मुझे पत्नी की चिंता थी और मैं फिर अपनी कार की तरफ अपने मरीज को देखने गया तो उस समय उसने कार में ही उल्टीया मारनी शुरू कर दी थी । मैं फिर डॉक्टर पवन के पास गया और बोला के दूसरे कमरे में भी कोई डॉक्टर नही है और मेरी पत्नी की स्थिति बिगड़ रही है आप ही चेक करने चलो । मेरे द्वारा इतना कहने पर डॉक्टर पवन मेरे से उलझ पड़ा और बोला के मैं नही चेक करने जाऊँगा । आप जो मर्जी कर लो । मैंने कहा के डॉक्टर जी आपकी ड्यूटी बनती है इस बक्त मरीज चेक करने की इतने में गाली गलौच करता हुआ और मारपीट करने का मन बनाकर मेरी तरफ आ गया और अन्य स्टाफ द्वारा डॉक्टर से अनुरोध करने पर शांत हुआ और मरीज को चैक करना तो दूर की बात थी अपना मोबाइल निकाल कर कार सहित कार में लेटे हुए मरीज की मोबाइल से वीडियो बनाने लग गया । और फिर अपनी ओपीडी में चला गया । हॉस्पिटल में इलाज हेतु आए अन्य मरीजो ने भी बताया के यह डॉक्टर अपनी मनमर्जी से मरीजो को चैक करता है और मरीजो के साथ अच्छा व्यवहार भी नही करता है । यहाँ तक की यह डॉक्टर सर्जन है और हॉस्पिटल में छोटे ऑपरेशन तक करना अपनी ड्यूटी नही समझता है और लोगो को मजबूरन मुकेरिया के हॉस्पिटल में जाना पड़ता है । बही कुछ देर बात सीनियर मेडिकल ऑफिसर द्वारा पत्नी को चेकअप करने के लिए हॉस्पिटल में तैनात एक अन्य डॉक्टर को भेजा और करीब एक घण्टे बाद इलाज शुरू हो पाया । स्थानीय जनता ने सरकार और सीएमओ होशियारपुर से अपील की है के मरीजो के साथ ऐसा व्यवहार करने बाले डॉक्टर के खिलाफ बनती बिभागीय कार्यबाही की जाए ताकि दोबारा से यह मरीजो के साथ बदसलूकी से पेश न आए

इस संबंध में जब सीएमओ होशियारपुर डॉक्टर जसवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा के बुडाबढ़ हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टर द्वारा ड्यूटी के समय जो मरीज न चेक करना और मरीज के साथ आए उसके पति के साथ आए उसके पति के साथ जो डॉक्टर ने व्यवहार किया है बो अति निंदनीय है । इस डॉक्टर के खिलाफ बनती विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ।

फ़ोटो,,, सीरियस हालत में हॉस्पिटल में दाखिल ठाकुरद्वारा के मरीज की देखभाल करता एस एम ओ द्वारा भेजा गया एक अन्य डॉक्टर

फोटो,,, बन्द पड़े दो ओपीडी के कमरे जिसमे मरीज के पति को पवन डॉक्टर बार बार भेजकर परेशान कर रहा था

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