स्व-सहायता समूह के प्रेरणा से ग्रामीणजन कर रहे हैं उत्साह पूर्वक पैरादान
January 30th, 2020 | Post by :- | 160 Views

छत्तीसगढ़(कांकेर) टोकेश्वर साहू / जिले के विकासखंड दुर्गूकोंदल में स्थापित गौठानों में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के तहत पैरादान का कार्य उत्साह पूर्वक किया जा रहा है।

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.एल. फाफा ने जानकारी दी है कि विकासखण्ड में 19 निर्मित गौठानों में पशुओं के लिए पैरा एकत्र किया जा रहा है, ग्रामीणों ने महिला स्व-सहायता समूह के महिलाओं की प्रेरणा से पैरा दान करने बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं।
पैरादान के तहत गांव की निर्मित गौठानों में पैरा इकट्ठा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत हानपतरी के आश्रित ग्राम हिंगनपुरी के गौठान में अब तक 25 ट्राली पैरा ग्रामीणों एवं महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा एकत्रित किया गया है। ग्राम के सत्यम स्वसहायता समूह, शिवम स्वसहायता समूह एवं बजरंग स्वसहायता समूह की महिलाएं रमुला बाई गावड़े, कुमारी सलाम, गोदावरी पटेल के नेतृत्व में समूह के सदस्यों के माध्यम से इकट्ठा किया गया है।
गौठान समिति के अध्यक्ष शिवलाल धु्रवा, कोषाध्यक्ष विजय पटेल, लता पटेल, हीरो सलाम, सीताबाई गोटा, समरोबाई धु्रव, चैतीबाई धु्रव, प्रभातीन पटेल द्वारा लोगों को गौठान में पैरादान के लिए प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही गौठान के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्राम पंचायत कोड़ेकुर्से, हाटकोंदल, कर्रामाड़, तरहुल, पेड़ावारी, लोहत्तर, मंगहुर, मेड़ो, चाहचाड़, हानपतरी, आमाकड़ा, राऊरवाही, तराईघोटिया, पाऊरखेड़ा, कोदापाखा, भंडारडिगी, डांगरा, कोंडे, सिवनी, गोयदा के गौठानों में पशुओं की देखभाल के लिए पैरा की व्यवस्था दान के रूप में इकट्ठा की जा रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा इस संबंध में लोंगों को प्रेरित कर रहे हैं और पैरा को गौठानों में दान करने की अपील भी की जा रही हैै।
इस कार्य मेें ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव, स्वसहायता समूह के सदस्य एवं अन्य ग्रामीणों के द्वारा प्रेरित किया जा रहा है। जिसे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के तहत अपने पुरानी परंपरा को स्थापित करने सरकार की लक्ष्य को पूरा करने में ग्रामीणजन जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उत्साह पूर्वक कार्य कर रहे हैं, जिससे गौठानों में पशुओं को साल भर चारा आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

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