स्कूल दोबारा शुरू हो जाने पर सज्जन माजरी के ग्रामीणों में खुशी की लहर
August 29th, 2019 | Post by :- | 91 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी ) ।
प्रदेश सरकार द्वारा जिस स्कूल में 25 से कम छात्र हैं उन स्कूलों को बंद कर दिया है। जिसमें सज्जन माजरी का प्राथमिक स्कूल भी शामिल था। लेकिन ग्राम पंचायत व ग्रामीणों के प्रयास से यह स्कूल दोबारा शुरू हो चुका है। जिसमें बच्चे दोबारा से गांव में ही शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। स्कूल दोबारा शुरू हो जाने पर सज्जन माजरी के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। जिसके उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत सज्जन माजरी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें ग्राम पंचायत ने विधायक व शिक्षा विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
दरअसल प्रदेश सरकार द्वारा 25 से कम छात्रों की सं या वाले  प्राथमिक  स्कूलों को बंद कर एक किलोमीटर के दायरे में पडऩे वाले दूसरे स्कूलों में समायोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसमें बराड़ा खंड के पांच स्कूलों को बंद करना था। जिसमें बराड़ा के गांव सज्जन के स्कूल को भी बंद कर दिया गया था। इस स्कूल में उस समय  मात्र 22 बच्चे ही थे। इसके बाद ग्राम पंचायत ने विरोध किया व स्कूल पर प्रदर्शन किया। पंचायत द्वारा लोगों को बच्चों को दाखिला करवाने के लिए जागरूक किया गया। जिसका परिणाम यह हुआ कि विभाग द्वारा गांव के स्कूल को दोबारा शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए। मंगलवार को स्कूल दोबारा शुरू कर दिया गया है। ग्राम पंचायत व ग्रामीणों में खुशी का माहौल पैदा हो गया है। इसके उपलक्ष में ग्राम पंचायत द्वारा स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्राम पंचायत ने विधायक व शिक्षा विभाग के अधिकारियों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर पूर्व सरपंच रविंद्र, अध्यापक राजेश, गुरमेल, सचिव अनुज, अमरजीत, राजबीर प्रिंसिपल बराड़ा हाई स्कूल व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
शरणजीत कौर, सरपंच सज्जन माजरी का कहना है कि गांव में दोबारा स्कूल शुरू हो जाने पर ग्रामीणों में अपार खुशी है। गांव में कईं लोग ऐसे है जो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने में असमर्थ है। अब स्कूल खुल जाने से सभी बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। हम स्कूल में बच्चों के दाखिला की संख्या बढ़ाएंगे। ताकि भविष्य में कोई परेशानी न आए ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।