चार बड़ी नदियों को आपस में जोडऩे की तैयारी- जलशक्ति मंत्री रतनलाल कटारिया
January 28th, 2020 | Post by :- | 83 Views

यमुनानगर,  ( सुरेश अंसल )   ।    आदिबद्री में अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में केन्द्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय अधिकारिकता राज्यमंत्री रत्न लाल कटारिया जी व हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री चौधरी कंवर पाल गुर्जर जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

अन्तर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में केन्द्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय अधिकारिकता राज्यमंत्री रत्तन लाल कटारिया जी व हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवर पाल जी ने सरस्वती नदी के उदगम स्थल के दर्शन किए। सरस्वती स्नान सरोवर के तट पर आयोजित हवन में पूर्ण आहूति डाली। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री रतनलाल कटारिया जी,मंत्री कंवरपाल गुर्जर जी व यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा जी ने त्रिवेणी रोपित की जिसमें उन्होंने अपने कर कमलों से नीम, बट व पीपल के पौधे लगाए।

अन्तर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में बोलते हुए हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री चौधरी कंवर पाल गुर्जर जी ने कहा कि आदिबद्री क्षेत्र हरियाणा में सरस्वती नदी का उदगम स्थल है। यह पहले सब से जानते थे परंतु आज के बच्चे नही जानते। उन्होंने कहा कि नासा ने मान लिया है कि यही धरती के नीचे सरस्वती नदी बह रही है। उन्होंने कहा कि वेदों की रचना सरस्वती नदी किनारे ही हुई थी। उन्होंने कहा कि आदिबद्री में जो पानी, पत्थर, रेत आदि चैक किया गया है वैसा ही पानी, पत्थर व रेत आदि आदिबद्री से लेकर गुजरात के कच्छ क्षेत्र तक मिला है। उन्होंने कहा कि विश्व की 50 सभ्यताओं में से 49 सभ्यताएं समाप्त हो गई है केवल भारत की सभ्यता आज भी जीवित है। उन्होंने कहा कि सरकार देश की सभ्यता व संस्कृति की रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां की नदिया व प्राचीन मंदिर ईश्वर की ताकत है व नदियों को आपस में जोडऩे तथा पवित्र सरस्वती नदी को धरा पर लाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। मंत्री कंवरपाल जी ने कहा कि आदिबद्री क्षेत्र में पर्यटन की सुविधाएं बढ़ाई जाएगी और सरस्वती नदी की जल धारा को पुन: धरा पर लाया जाएगा।

केन्द्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री रत्तन लाल कटारिया जी ने कहा कि चार बड़ी नदियों को आपस में जोडऩे के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है।हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की पूरी टीम सरस्वती नदी को धरा पर लाने के लिए लगी हुई है और इसके द्वारा जो परियोजनाएं बनाई गई है वह जल शक्ति मंत्रालय में है ।

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