दादूपुर नलवी नहर को किसानों ने बंद करने का काम किया शुरू, प्रशासन द्वारा रोका गया काम
January 24th, 2020 | Post by :- | 230 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )
किसानों ने अपने एलान के अनुसार शुक्रवार को जेसीबी से नहर के तटबंध तुडवाकर नहर में मिट्टी डलवा कर नहर को बंद करना शुरू कर दिया। इससे पहले किसानों ने लड्डू बांटे कर खुशी मनाई कि अब उनकी जमीन वापिस मिलेगी ओर किसान उस पर फसल उगा सकेंगे। करीब 30 गांवों के दर्जनों किसानों ने मिल कर नहर बंद करवाना शुरू किया। सूचना मिलते ही करीब 10:30 पर बराड़ा थाना प्रभारी सतीश कुमार दल-बल सहित मौके पर पहुंच गए। बाद में किसानों ने एसडीएम कार्यायल में जाकर एसडीएम को सीएम के नाम एक ज्ञापन देकर सरकार ने जो पैसा किसानों से ब्याज सहित मांगा उसे माफ करने के मांग कर नहर को खुद बंद करने की प्रमिशन मांगी। जानकारी के अनुसार दादुपुर-नलवी नहर को बंद करने व अपनी जमीन को वापिस करने को लेकर किसानों ने कई बार सरकार को ज्ञान दिए। धरना प्रर्दशन तक किए लेकिन कोई फायदा नही हुआ। किसानों ने बताया कि वह नहर परियोजना अधिकारियों को भी मिले। जनवरी माह में किसानों ने भूमि अर्जन अधिकारी को मिल नहर बंद करने व जमीन वापिस लेने की मांग की लेकिन कोई फायदा नही हुआ।  किसानों के सब्र का बांध टूट गया ओर किसानों ने बीरवार को नहर बंद करने का फैसला लिया। जिसके बाद शुक्रवार को किसानों ने जेसीबी लेकर नहर को बंद करने का काम शुरू कर दिया। किसान राज कुमार अधोया, देसराज खानपुरा, करनैल सिंह व अवतार सिंह ने बताया कि इनेलो सरकार के पूर्व मुख्य मंत्री ओम् प्रकाश चौटाला ने इस नहर को शिलान्यास 2004 में किया था। उस वक्त किसानों को प्रति एकड़ जमीन का मुआवाजा 5 लाख रूपये मिला था। लेकिन किसान इससे नाखुश थे जिसके बाद किसानों ने कोर्ट की शरण ली कोर्ट में केस जाने के बाद किसानों को 3 लाख रूपये प्रति एकड़ मुआवाजा दिया गया। हाई कोर्ट में केस जाने के बाद किसानों को प्रति एकड़ 5 करोड़ रूपये देने के आदेश हुए लेकिन हरियाणा सरकार ने किसानों को यह पैसा देने से इंकार कर दिया ओर नहर को डीनोटिफाईड कर दिया। इस नहर को सरकार ने बंद करने के आदेश दिए लेकिन यह नहर बंद नही हुई। अब किसान खुद इस नहर को बंद करेंगे।
मौके पर पहुंचे नायब बराड़ा, सुखेदव व बराड़ा थाना प्रभारी सतीश कुमार मिले किसानों को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार, सुखदेव सिंह व थाना बराड़ा प्रभारी सतीश कुमार ने किसानों को समझाया लेकिन किसानों ने कहा कि जब सरकार व नहर परियोजना अधिकारियों ने इस नहर को बंद नही किया तो हम इस नहर को बंद कर रहे हैं। जमीन हमारी है  हमारी जमीन में से नहर निकली थी। अब यह नहर डीनोटिफाईड हो चुकी है हम इस को बंद कर रहे हैं। नायब तहसीलदार ने किसानों की बात सुनी ओर कहा कि उनकी हर मांग को सरकार तक पहुंचाया है इस मांग को भी सरकार तक पहुंचाया जाएगा। जिसके बाद जो निर्णय सरकार को होगा मान्य होगा आप लोग एक बार एसडीएम बराड़ा को मिल लो। इस आश्वासन पर किसानों ने नहर बंद करने काम कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया ओर एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार को मिले। किसानोंं ने एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार को ज्ञापन दिया कि सरकार ने जो जमीन का पैसा दिया था। वह ब्याज सहित वापिस मांग रही है। किसानों की हर साल फसलें नहर के पानी के कारण बर्बाद हो रही हैं किसान यह पैसा भर पाने में असर्र्मथ है उनका पैसा माफ किया जाए। ओर हमारी जमीन वापिस दी जाए।

एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार :- मुझे सूचना मिली थी किसान दादुपुर नलवी नहर बंद कर रहे हैं मौके पर नायब तहसीलदार, सुखदेव गए थे। उनके समझाने के बाद किसान मेरे पास आए थे। किसानों ने कहा कि सरकार के नाम ज्ञापन दिया जिसमें कहा कि जो पैसा सरकार ने किसानों को दिया था वह हम वापिस करने की स्थिति में नही है वह पैसा माफ कर हमारी जमीन वापिस की जाए। यह ज्ञापन सरकार को पहुंचा दिया जाएगा। फिल हाल नहर को बंद नही किया जा रहा है।

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