देश में मंदी के दौर में लगेगा विराम व्यापार बढ़ने से देश होगा संपन्न
January 24th, 2020 | Post by :- | 166 Views

लोकहित एक्सप्रेस

पलवल ( प्रवीण आहूजा )

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिष विभु अवस्थी ने शनि के स्वराशि में आने पर उसकी पूरी जानकारी देते हुए बताया कि शनिदेव कर्म प्रधान है और कर्म के देवता शनि देव 30 वर्ष के बाद धनु राशि से निकलकर अपनी खुद की राशि मकर राशि में प्रवेश करेंगे यूं तो शनि देव को कर्म विलंब और विरक्ति का प्रमुख कारण माना जाता है शनिदेव का गोचर बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि कर्म का देवता अपने घर में जा रहा है और इसका बहुत सारी राशियों पर बहुत प्रभावशाली असर भी रहेगा। इसी  के साथ तुला और मिथुन राशि को ढैया प्रारंभ हो जाएगी धनु ,मकर और कुंभ इन पर शनि की साढ़ेसाती जो चल रही थी उसके अगला चरण अब शुरू हो जाएगा मुख्य बात यह है कि सूर्य पहले से ही मकर राशि में है और वहां पर जब शनि स्वराशि के हो जाएंगे तो देश में मंदी का दौर आप धीरे-धीरे खत्म होगा शेयर मार्केट में भी अच्छा खासा उछाल आएगा। इसके पूर्व जब शनिदेव 1990 में मकर राशि में गए थे तब पूरे जगत में विचित्र घटनाएं भी घटी थी जिनके बारे में मैं आपको अवगत करा रहा हूं।

– इस बीच कश्मीर घाटी में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी।

– राम जन्मभूमि का विवादित ढांचा गिराया गया था।

– म्यामार में चुनाव संपन्न हुए थे ।

– वाइड वेब की नींव रखने के लिए वेब सर्वर बनाया गया था।

– गल्फ वार भी इसी समय शुरू हुआ।

वर्तमान में शनि का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण है अपने देश में भी अभी आर्थिक मंदी चल रही है शनि के मकर में जाते ही धीरे-धीरे आर्थिक मंदी से हमारा देश अब उबरने लगेगा। एक नई योजना के तहत देश आगे तरक्की करेगा और विश्व में अपना नाम भी कमायेगा । एक दृष्टि डाली जाए तो राम मंदिर का निर्माण भी शनि के मकर में जाने के बाद ही हो रहा है गुरु पहले से ही धनु राशि में जो धर्म का कारक है। और न्याय का कारक शनि अपनी स्वराशि में आता है अतःराम मंदिर बनने का मार्ग माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार भी अब हो चुका है वहीं शनि का फल आपकी कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करेगा कि आपकी कुंडली में शनि की स्थिति क्या है यदि आपकी कुंडली में शनि स्वराशि का अर्थात मकर या कुंभ का हो या उच्च राशि का हो तो शनि आपको बहुत ही अद्भुत लाभ देने वाला है। और यदि मित्र राशि का है या शत्रु राशि का है तो भी आपको मिले-जुले फल प्राप्त होंगे।

:- शनिदेव को प्रसन्न करने के महत्वपूर्ण उपाय

1. नित्य प्रति भगवान हनुमान जी का चालीसा का पाठ करें।

2. हर शनिवार के दिन शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और वहां खड़े होकर शनि चालीसा का पाठ जरूर करें।

3. जरूरतमंद, विकलांग , घर के बुजुर्गों की  जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा मदद करें शनिदेव बेहद प्रसन्न होते हैं और आपके बिगड़े काम को बनाते हैं।

एस्ट्रो : विभु अवस्थी  (अज्ञानी)

 

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