तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा यह नारा देने वाले नेताजी का आज जन्मदिन है
January 23rd, 2020 | Post by :- | 188 Views

भिवानी, ( हुसैन )  ।  तुम मुझे खून दो, मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा….! जय हिन्द। जैसे नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज ( 23 जनवरी ) जयंती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार होते हैं जिनसे आज के दौर का युवा वर्ग प्रेरणा लेता है। उनका ‘जय हिन्द’ का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया। उन्होंने सिंगापुर के टाउन हाल के सामने सुप्रीम कमांडर के रूप में सेना को संबोधित करते हुए ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया।ऐसे वीर देशभक्त को उनकी जयंती पर उन्हें सिर्फ याद करना ठीक ना होगा। बल्कि आज हमे ये प्रण लेना होगा कि हम उनके नक्शे क़दमों पर चलकर देश के विकास में अपना योगदान देंगे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा में कटक के एक संपन्न बंगाली परिवार में हुआ था। बोस के पिता का नाम ‘जानकीनाथ बोस’ और माँ का नाम ‘प्रभावती’ था। जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वक़ील थे। प्रभावती और जानकीनाथ बोस की कुल मिलाकर 14 संतानें थी, जिसमें 6 बेटियाँ और 8 बेटे थे। सुभाष चंद्र उनकी नौवीं संतान और पाँचवें बेटे थे। अपने सभी भाइयों में से सुभाष को सबसे अधिक लगाव शरदचंद्र से था।

नेताजी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई कटक के रेवेंशॉव कॉलेजिएट स्कूल में हुई। तत्पश्चात् उनकी शिक्षा कलकत्ता के प्रेज़िडेंसी कॉलेज और स्कॉटिश चर्च कॉलेज से हुई, और बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा (इण्डियन सिविल सर्विस) की तैयारी के लिए उनके माता-पिता ने बोस को इंग्लैंड के केंब्रिज विश्वविद्यालय भेज दिया। अँग्रेज़ी शासन काल में भारतीयों के लिए सिविल सर्विस में जाना बहुत कठिन था किंतु उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया
18 अगस्त 1945 को टोक्यो जापान जाते हुए ताइवान में विमान दुर्घटना मैं उसकी मृत्यु हो गई बताया गया लेकिन बस अब नहीं मिल पाया नेताजी की मृत्यु के कारणों पर आज भी विवाद बना हुआ है!

आखिर मैं उनके 123वें जन्मदिवस 23 जनवरी (1897) जोकि की कटक ( उड़ीसा ) में हुवा था पर महान दिवंगत आत्मा जिसने भारत माता के चरणों मे अपने शरीर सहित सबकुछ न्यौछावर कर दिया को बारम्बार कोटि कोटि प्रणाम और शत शत नमन
जय हिंद

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