पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है खैरात नहीं : शास्त्री
January 20th, 2020 | Post by :- | 102 Views

भिवानी, 20 जनवरी। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के घोषणा पत्र
अभियान के तहत समिति के आईटी सेल प्रभारी शिवकुमार शास्त्री ने राजकीय
वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय सारंपुर में एनपीएस के अंतर्गत आने वाले
कर्मचारियों के द्वारा घोषणा पत्र भरवाए। जिसमें सभी कर्मचारियों ने नयी
पेंशन स्कीम को सिरे से नकारते हुए पुरानी पेंशन की मांग की। कर्मचारियों
को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का
संवैधानिक अधिकार है कोई खैरात नहीं ।

प्रारम्भ में केवल कर्मचारियों को
पेंशन का प्रावधान था सांसद व विधायकों के लिए नहीं बाद में संविधान में
संशोधन कर नेताओं के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया था लेकिन 2004 में
केन्द्र व 2006 में राज्य सरकार ने अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों की
पुरानी पेंशन छीन एनपीएस में शामिल कर दिया जबकि खुद पुरानी पेंशन में
बने रहे व कर्मचारियों को नयी पेंशन स्कीम के सब्जबाग दिखाते रहे। जब
2014 के बाद कुछ कर्मचारी सेवानिवृत होने शुरू हुए और उनकी पेंशन मात्र
कुछ सौ या दो ढाई हजार तक ही बनी तब कर्मचारियों को इस षडयंत्र का पता
चला तब से लेकर पुरे देश में पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन चल रहे हैं। कई
राज्यों के मुख्यमंत्रियों व उपमुख्यमंत्रियों ने इसके लिए आश्वासन भी
दिया जिनमे दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन,
तेलंगाना के मुख्यमंत्री जगमोहन रेड्डी से अलावा चौ. भूपेन्द्र सिंह
हुड्डा व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तथा हरीश रावत सरीखे नेता इसे
लागू करने की हां भर चुके हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत
पुरानी पेंशन बहाल कर कर्मचारियों के बुढापे को सुरक्षित करें।

आज जिन अध्यापकों ने घोषणापत्र भरे उनमें सुरेश कुमार, सुनील कुमारी,
सुदेश कुमारी, प्रदीप कुमार, सतीश कुमार, हरपाल सिंह, वंदना चौधरी, संजू
कुमारी, रणवीर, दीक्षा, कौशल्या सिहाग, किरणपाल, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार
बाबू, राजेश कुमार व संतोष आदि थे।

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