यमुना में पहुंच रहा है नालों का गंदा पानी जिससे जमुना प्रदूषित हो रही है
January 19th, 2020 | Post by :- | 121 Views

मथुरा, (राजकुमार गुप्ता ) घाटों पर नालों के गंदे पानी के चलते यमुना महारानी तट छोड़ चुकी हैं। अब कुछ ही घाट बचे हैं, जहां यमुना का बहाव है। कालीदह घाट, कुंजबिहारी श्रीहरिदास घाट, अक्रूर घाट, कंस किला घाट, चक्रतीर्थ घाट, ध्रुव घाट, सूरज घाट से यमुना काफी दूर पहुंच चुकी हैं। यमुना के सफाई अभियान में जुटे लोग तो यहां तक कहते हैं कि गोकुल बैराज से वृंदावन तक यमुना का जो जल दिखाई दे रहा है। उसमें सीवर का पानी ज्यादा और यमुना का जल नाममात्र है। इसके पीछे कारण शहर के करीब 25 नालों का पानी सीधे यमुना में जाना बताया जा रहा है। कितनी सरकारें आई और गईं, लेकिन बिड़ला मंदिर गऊ घाट से लेकर गोकुल बैराज तक शहर के 25 से अधिक नालों के गंदे पानी को नहीं रुकवा पाए। कई बार आंदोलन भी हुए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आज भी लोग सफाई की मांग को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं।सीवर और फैक्टरियों का पानी गिर रहा यमुना में जल निगम ने भी शहर में कई स्थानों पर यमुना जल को शुद्ध करने के लिए प्लांट लगाए हैं, लेकिन नालों का पानी रोक पाने में जल निगम भी सफल नहीं हो सका। अगर अकेले मसानी के नाले की बात करें तो हजारों लीटर सीवर और फैक्टरियों का पानी यमुना में निरंतर जा रहा है। कंस किला घाट के सामने गहरे गड्ढे खोदकर तालाब बना दिया गया है, जिसमें गिरकर एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। श्याम घाट, राम घाट, ठकुरानी घाट, दाऊजी घाट दंडीघाट, बंगाली घाट, श्मशान घाट पर भीषण गंदगी है।
धरना दे रहा विश्वधर्म रक्षक दल ने यमुना की सफाई को लेकर विश्वधर्म रक्षक दल के कार्यकर्ता पिछले तीन महीने से श्याम घाट पर धरना-प्रदर्शन और यमुनाजी का पाठ कर रहे हैं। इनका कहना है कि सीवर प्लांटों पर किए जा रहे काम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। इनकी मांग है कि वृंदावन से लेकर गोकुल बैराज तक 13 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई जाए। धरने पर अमित चिंटू, राकेश जग्गो गुरु, उपेंद्र, राजू, प्रदीप सेठ, नागेंद्र, भूपेंद्र, प्रदीप, अजय, पारसनाथ, पप्पू पाठक, विजय चतुर्वेदी एडवोकेट, ब्रजेश, जितेंद्र, सतीश, राजेश, गोपाल शर्मा, विवेक, महेश गुड्डू बैठे हैं। जब तक वृंदावन से गोकुल बैराज तक पाइप लाइन बिछवाकर नालों के पानी को गोकुल बैराज तक नहीं ले जाते तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा।विजय चतुर्वेदी, यमुना भक्त और आरटीआई कार्यकर्ता सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम चल रहा है। इसके तहत नालों को टेप कर गंदे पानी को शुद्ध किया जाएगा। 15 जनवरी 2021 तक सभी नाले यमुना में जाने से रोक दिए जाएंगे।

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