डॉ. राजेंद्र, हेतराम कैंथा व मेजर वर्मा को मिला महलोग गौरव सम्मान
January 19th, 2020 | Post by :- | 100 Views

– महलोग सभा ने स्थापना दिवस पर सम्मानित की विभूतियां व नवाजे मेधावी छात्र..

बद्दी! महलोग सभा ने रविवार को अपने स्थापना दिवस गांव पटटा महलोग में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का आगाज दीप प्रज्जवलित करके किया गया। इसके बाद महलोग सभा के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया गया। सभा के महामंत्री किशोर ठाकुर ने संस्था के छह दशक पुराने इतिहास और उपलब्धियों बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1960 में सभा का गठन उसम समय किया गया था जब देश का आजाद हुए मात्र 13 साल हुए थे और सडक़, शिक्षा व स्वस्थ्य का ग्रामीण क्षेत्रों में नाम भी नहीं हुआ करता था। उन विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे कुछ साथियों व पूर्वजों ने हमारी ऐतिहासिक रियासत रही महलोग के नाम पर इसका नाम महलोग सभा रखा था। इसके गठन का एकमात्र लक्ष्य दून विधानसभा की पहाड़ी पंचायतों का सरकार की सहायता व आपस में मिलकर समग्र विकास करवाना था। तब से लेकर आज तक सभा ने कई उतार चढ़ाव देखे। खास बात यह रही कि यह संगठन पहले की तरह आज भी गैर राजनीतिक अस्तित्व वाला संगठन है। सभा के अध्यक्ष बी.आर वर्मा ने बताया कि स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों मेें उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन अलग-अलग विभूतियों को उनके समाज के लिए किए गए कार्यों व योगदान के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके अलावा सभा ने दसवीं तथा जमा दो में 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया। सभा ने 19 ग्राम पंचायतों के करीब 13 स्कूलों के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इसमें 27 लड़कियां तथा 13 लडक़े शामिल हैं। सर्वप्रथम कैंथा गांव के हेतराम कैंथा को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नवाजा गया। हेतराम ने 1964 से आकाशवाणी शिमला के लिए हिमाचली लोकगीत गाने प्रारंभ किए थे और 50 से ज्यादा गीत गाये। मेजर जनरल (रि.) पीएन वर्मा निवासी बुधार कनैता को भारतीय सेना में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए महलोग गौरव अवॉर्ड से विभूषित किया गया। इनके दोनों पुत्र अर्जुन एवं करण भी सेना में कमीशंड अधिकारी हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से इनको फ्यूचर, फ्लेश प्वाइंट फोर आऊट ब्रेक ऑफ इनसरजैंसी इन इंडिया विषय पर पीएचडी की उपाधी से सम्मानित किया जा चुका है। इन्होंने 35 साल के कार्यकाल में सभी प्रमुख ऑपरेशन जैसे ऑपनेशन पवन, रक्षक, राईनो, ऑपरेशन विजय में भाग लिया था। जनरल वर्मा को उनके शौर्य एवं अति विशिष्ट सेवाओं के लिए तीन बार चीफ ऑफ दी आर्मी स्टॉफ कमेडेशन पदक से अलंकृत किया जा चुका है। इसके बाद चिकित्सा के क्षेत्र और टंकण कौशल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए डॉ. राजेंद्र सिंह को महलोग गौरव का अवॉर्ड दिया गया। डॉ. सिंह को दंत चिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल है। 1984 में स्वीटजरलैंड में आयोजित विश्व टंकण प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय थे। इनके नाम 112 शब्द प्रति मिनट की गति से टाईपिंग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज है। 4 अगस्त, 1988 को लगातार दस घंटे तक 97 शब्द प्रति मिनट की गति से और 99.98 प्रतिशत की शुद्धता से टाईप करते हुए आपने अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाया है। जिसके कारण 1990 में गणतंत्र दिवस पर भारत के राष्ट्रपति ने इनको राष्ट्रीय सम्मान से भी नवाजा था। इस अवसर पर राजेन्द्र ठाकुर, देवेंद्र सिंह ठाकुर , देव कर्ण कौशल, ईश्वर वर्मा, देवी दत राजू, लायक राम भारद्वाज, बलवंत ठाकुर, सुरेश शर्मा, जय गोपाल शर्मा, सुरेंदर, जिला परिषद रमा ठाकुर, पट्टा प्रधान ममता गुप्ता, बीडीसी विद्या देवी व लीला दत वर्मा भी उपस्थित थे।

– इन मेधावियों को मिला सम्मान….
महलोग सभा ने मैट्रिक व प्लस-टू में 80 प्रतिशत से ऊपर नबर प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पटटा महलोग की हीना, आभा कश्यप, चेतन ठाकुर व लता कौशिक, गोयल स्कूल से प्रिंयका ठाकुर, पूजा, प्रिंयाशी ठाकुर, तन्या, अरुण शर्मा, धायला स्कूल से मुस्कान, काजल, दिव्या, अनीष, आदित्य, साक्षी, खुशबू, चंडी स्कूल से ममता देवी, नेहा व सोनाली, कोट बेजा स्कूल से अशिता वर्मा व अनिल जोशी, न्यू मॉडल स्कूल बरोटीवाला स्कूल से महिम कुमारी, हर्षित कुमार, अंशिका ठाकुर व सुम्मी सल्ताना, बरोटीवाला से विकास, कुमारी पूजा, अनीश तंवर व नेहा रानी, रामपुर स्कूल से आरती, हिमांश, भय वर्मा व लक्षित शर्मा, भाऊगरी स्कूल से भूषण कुमार, मधाला से ओंकार नाथ, दौंटा स्कूल से गरिमा देवी, हर्षित कंवर व अक्षय कंवर, कुठार स्कूल से रजत ठाकुर और जेएल पब्लिक स्कूल पटटा से अमीषा शामिल हैं।

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