जगतगिरी आश्रम भदरोया में मकर सक्रांति पर बुजुर्गों का किया मान-सम्मान
January 14th, 2020 | Post by :- | 213 Views

गगन ललगोत्रा/मुकेश समराल(टीम कांगड़ा)

14 जनवरी 2020 को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर उन सभी बजुर्गों की याद में सत्संग भंडारा किया गया और श्रद्धांजति अर्पित की गई जिन्होंने अपना पूरा जीवन गुरु-चरणों में समर्पित कर लिया, सेवा ओर सिमरन करते हुए अपना प्रत्येक श्वास गुरु सेपा में गुजा़ार दिया। इस यादगार श्रद्धाजलि समारोह में उन बजुर्गों को भी आशीर्वाद के रूप में सम्मानित किया गया जो अभी भी अपनी सेवाएँ समाज को प्रदान कर रहे हैं। उनके परिवार भी समाज-सेवा में जुडे़ हुए हैं। लगातार अपनी योग्यता और रूचि के अनुसार लोगों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। लगभग 70 बजुर्गों को कंबल, वस्त्र एवं कुछ धन राशि देकर उनका मान बढा़या गया। इसके साथ-साथ एक बहुत बडे़ श्रद्धालु श्री सर्वजीत सिंह की सेवाओं को एवं श्रद्धा को देखते हुए उसे ‘भगत- की उपधि से नवाजा़ गया और उसे इसी तरह सेवा और सिमरन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। एम.के.एम पब्लिक स्कूल भदरोआ जो कि नर्सरी से लेकर दसवीं कक्षा तक है, वहाँ दाखिला शुरू है और यह स्कूल अब सी.बी.एस.ई बोर्ड से ऐफिलीएटड है अतः 19 जनवरी को प्रिंसीपल एवं अन्य योग्य स्टाफ़ के लिए इंटरव्यु है। अतः इसके लिए भी सभी को सूचित किया गया। इस पवित्र दिन पर खिचडी और खीर का लंगर श्री बाबुराम (काऊँटे) की ओर से लगाया गया। समारोह के अंत में परम पूज्य संत श्री श्री 108 स्वामी गुरदीप गिरि महाराज जी ने गुरु रविदास महराज जी वाणी को लेकर अमृत वर्षा की और बताया कि हमें सेवा और सिमरन के साथ-साथ बजुर्गों की सेवा भी करनी चाहिए। घर-गृहस्थी में प्यार एवं श्रद्धा की भावना होनी चाहिए। तभी हम सच्चे गुरमुख बन सकते हैं। हमें स्वयं भी सत्संग के साथ जुड़ना चाहिए और दूसरों को भी अपने साथ जोड़ना चाहिए। इस तरह मकर संक्रांति का महत्त्व बताते हुए गुरु जी ने हमें अच्छी संगति के लिए प्रेरित किया है। यही हमारा कुंभ-स्नान है, हमारी सेवा है, भक्ति है और समाज-सेवा ही हमारा दान है।

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