हरियाणा पुस्तकालय संघ के पदाधिकारी पिछले कई वर्षों से इन पदों की भर्ती के लिए प्रयासरत हैं
January 11th, 2020 | Post by :- | 290 Views

हरियाणा के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पुस्तकालय बिना किसी प्रशिक्षित लाइब्रेरियन व अन्य स्टाफ के चल रहे हैं l पुस्तकालय से संबंधित पदों जैसे की पुस्तकालयाध्यक्ष, कनिष्ठ व सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, रीस्टोरर के पदों पर कई दशकों से कोई सीधी भर्ती नहीं हुई है l जिसके कारण पुस्तकालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है l पुस्तके तो उपलब्ध हैं परंतु उन्हें संयोजित व व्यवस्थित करने के लिए कोई प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं है l

हरियाणा पुस्तकालय संघ के पदाधिकारी पिछले कई वर्षों से इन पदों की भर्ती के लिए प्रयासरत हैं l प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, स्कूल शिक्षा और उच्चतर शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों से समय-समय पर मिलकर या प्रतिवेदन के माध्यम से इन पुस्तकालयों की दयनीय स्थिति पर अवगत कराते रहे हैं l प्रशिक्षित कर्मचारियों के अभाव में सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके पुस्तकें व अन्य संसाधनों का उपयोग उनकी आवश्यकता अनुसार नहीं किया जा रहा है l वर्तमान में हरियाणा के स्कूलों, कॉलेजों व सार्वजनिक पुस्तकालय में लगभग सभी पद खाली पड़े हैं l इन सभी पदों के लिए पिछले कई दशकों से कोई भी सीधी भर्ती नहीं हुई है l इन सभी पदों में योग्यता संशोधन से संबंधित फाइल पिछले 5 वर्षों से शिक्षा विभाग में विचाराधीन है l उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा संचालित कॉलेज पुस्तकालयों की स्थिति और भी दयनीय है ।

हरियाणा सरकार द्वारा संचालित महाविद्यालयों में पिछले 45 वर्षों से वरिष्ठ पुस्तकालय अध्यक्षों की सीधी भर्ती नहीं हुई है । जिसका मुख्य कारण भर्ती के नियमों में संशोधन का न होना है संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्षों की शैक्षणिक योग्यता में संशोधन के लिए प्रयास किया जा रहा है। विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल चलाई जा रही है जिसका फाइल क्रमांक KW 8/1-1987 Lib (3) है l जो पिछले कई वर्षों से मुख्यमंत्री महोदय, शिक्षा मंत्री, वित विभाग, व अन्य जरूरी विभागों द्वारा मंजूरी के बावजूद भी विभागीय कार्यालय में धूल फांक रही है। गौरतलब है की हरियाणा में राजकीय महाविद्यालय में पुस्तकालयध्यक्षों की नियुक्ति पर भारत सरकार के गजट व यूजीसी व हरियाणा सरकार अधिसूचना के अनुसार एम लिब साइंस यूजीसी-नेट परीक्षा या पीएचडी उपाधि प्राप्त उम्मीदवारों को सीधी भर्ती से नियुक्त किया जाना अनिवार्य है।

शिक्षा विभाग द्वारा हरियाणा के सभी एडिड महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय में इस नियम अनुपालना की जा रही है परंतु राजकीय महाविद्यालयों में पुस्तकालय अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए यह नियम लागू नहीं किया जा रहा है जिसके कारण लगभग सभी पद पिछले लंबे समय से खाली पड़े हैं जिसके परिणाम स्वरूप सरकारी महाविद्यालयों में अन्य कर्मचारीयों को पुस्तकालयों कार्यभार दिया गया है जिसका सीधा असर न केवल पुस्तकालय सेवाओं की गुणवत्ता पर पर पड़ रहा है बल्कि प्रदेश में नेट/ पीएचडी की योग्यता रखने वाले हजारों बेरोजगार युवा नियमित भर्ती में हिस्सा लेने से वंचित हो रहे हैं । सभी जगह बार-बार गुहार लगाने के बाद भी अभी तक इस पर कोई ठोस परिणाम नहीं आये है।

हरियाणा में विश्वविद्यालयों में डीलिब, बि लिब और एमलिब कोर्स करवाए जा रहे हैं l हर वर्ष हजारों छात्र इन कोर्सों में डिग्री प्राप्त करते हैं l सरकार द्वारा इन्हें डिग्री तो दे दी जाती है लेकिन इनके रोजगार की व्यवस्था नहीं की गई है l रोजगार प्रदान करना तो बहुत दूर की बात है अपितु इनकी योग्यता संशोधन की फाइल भी वर्षों से विभाग में लंबित पड़ी रहती हैं l इस अनदेखी से पुस्तकालय व्यवसाय से संबंधित दस से पंद्रह हजार छात्रों में निराशा है l हरियाणा पुस्तकालय संघ सरकार से आग्रह करता है की पुस्तकालय के पदों की योग्यता संशोधन की फाइल को जल्दी क्लियर करवा कर जल्द ही नए पदों की विज्ञप्ति जारी करें ताकि महाविद्यालय पुस्तकालयों में प्रशिक्षित हजारों छात्रों को रोजगार मिल सके और इन पुस्तकालयों की स्थिति में सुधार हो l हमारा सरकार से अनुरोध है उपरोक्त विषय की गभीरता को देखते हुए यथा शीध्र कार्यवाही करें।

डॉ नरेन्द्र सिंह शौकीन
प्रधान
हरियाणा पुस्तकालय संघ

डा रुपेश गौड
महा सचिव
हरियाणा पुस्तकालय संघ
9466694800
8708507590

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।