पंजाब के किसानों के पास अपनी जमीन है तो उसका श्रेय चौ. छोटूराम को
January 9th, 2020 | Post by :- | 93 Views
रोहतक: 【लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ विकास ओहल्याण रोहतक 9541232423】 दीनबंधु सर छोटूराम की 75वीं पुण्यतिथि व राजा नाहर सिंह के 162वें बलिदान दिवस पर आज गांव बोहर स्थित नांदल भवन में भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा रहे जबकि अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सदस्य चौ. बीरेन्द्र सिंह ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के तौर पर महम विधायक बलराज कुंडू, दादरी के विधायक व चेयरमैन सोमबीर सांगवान, बी.बी. बत्तरा, कृष्णमूर्ति हुड्डा आदि रहे। समारोह में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दीनबंधु सर छोटूराम व राजा नाहर सिंह की जीवनियों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की केंद्र व राज्य सरकार से मांग की गई।
 वक्तामुख्य दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. योगानंद शास्त्री ने चौ. छोटूराम के जीवन परिचय से उपस्थितजनों को रूबरू करवाया। उन्होंने बताया कि एक छोटे से किसान परिवार में पैदा होकर छोटूराम ने आजीवन कमेरे व गरीब तबके के लिए संघर्ष किया। वजीफे के पैसों से वकालत की पढ़ाई करके उन्होंने रोहतक कोर्ट से अपना करियर शुरू किया। उस समय देहातियों, निर्धन किसानों व मजदूरों को सूदखोरों ने अपने चंगुल में फंसा रखा था। इस अन्याय के विरूद्ध उन्होंने कड़ा संघर्ष किया तथा बाद में मंत्री बनने के बाद ऐसे-ऐसे कानून लागू किये, जिनसे आम जनता को काफी फायदा मिला। तभी से छोटूराम समाज के राम हो गये तथा आज तक पूजे जाते हैं।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता जाट महासभा चंडीगढ़ के अध्यक्ष व पूर्व डीजीपी डॉ. महेन्द्र सिंह मलिक ने कहा कि सर छोटूराम उस तूफान का नाम है जिसने होडल से लेकर पेशावर तक के पंजाब के शोषकों को जड़ से उखाड़ फेंक दिया। छोटूराम तो उस ऊंची आवाज का नाम है जिसने दबे-कुचले और डरे हुए तथा हजारों साल से अचेत पड़े हुए त्रस्त, पीडि़त, शोषित, बेजान, व अपमानित और अपने अधिकारों से वंचित बेखबर लोगों को जगाया।
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पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज अगर पंजाब के किसानों के पास अपनी जमीन है तो उसका श्रेय चौ. छोटूराम को ही जाता है, अन्यथा किसान भूमिहीन हो जाते। उन्होंने किसानों और गरीब आदमी के शोषण के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी और अपना सारा जीवन समाज के लिये समर्पित कर दिया। चौधरी छोटूराम ने अनेक समाज सुधारक कानूनों के जरिए किसानों को शोषण से निज़ात दिलवाई। उन्होंने कृषि उत्पाद मंडी कानून 1938 के तहत मार्केट कमेटियों को बनाया, इससे किसानों को उनकी फसल का अच्छा पैसा मिलने लगा और शोषण से मुक्ति मिली।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चौ. छोटूराम ने 1937 के प्रोवेंशियल असेंबली चुनावों के बाद पंजाब प्रांत के राजस्व मंत्री के तौर पर दो प्रमुख क़ानून बनाये। पहला . पंजाब रिलीफ़ इंडेब्टनेस एक्ट 1934 और पंजाब डेब्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट 1936 इन कानूनों के जरिये किसानों को सूदखोरों के चंगुल से मुक्ति मिली और जमीन के अधिकार मिलने का रास्ता बना।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद चौ. बीरेन्द्र सिंह ने कहा कि सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और वतन की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले पराक्रमी देशभक्त राजा नाहर सिंह ने अपनी वीरता और वतनपरस्ती से अंग्रेजी हुकूमत को हिलाकर रख दिया था। अंग्रेजी हुकूमत उनकी वीरता और रणकौशल से इस कदर भय खाती थी कि उसने उन्हें बंदी बनाने के लिये धोखे का सहारा लिया। मातृभूमि की रक्षा के लिये प्राणों की बाजी लगाकर दिया गया उनका बलिदान हमारी भावी पीढ़ी के लिये प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह सर छोटूराम ने किसान व कमेरे वर्ग के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने इस वर्ग की समस्याओं को समझा तथा अपने जीवन के जरिए उन्हें दूर करने का काम किया। जिस वजह से वे दीनबंधु कहलाये।
इस अवसर पर महम विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि दीनबंधु सर छोटूराम हमेशा सभी देशवासियों को प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने गरीब व किसान के लिए ऐसे-ऐसे कार्य किये जिन्हें आज तक कोई दूसरा राजनेता नहीं कर पाया। उन्होंने जनता के भले के लिए कई कानून बनाकर लोगों को साहूकारों के चंगुल से छुटकारा दिलवाया।
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से दादरी विधायक सोमबीर सांगवान ने समाज को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज समाज के एकजुट न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एकजुट होकर सामाजिक समस्याओं को दूर करने के लिए सभी को पहल करनी चाहिये।
समारोह के आयोजक राजबीर राज्याण ने सभी आगन्तुकों का स्वागत किया तथा राष्ट्रहित में एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।
श्रद्धांजलि समारोह में 7 लोगों विभिन्न उपलब्धियों के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद बीरेन्द्र सिंह व आयोजक राजबीर राज्याण द्वारा दीनबंधु सर छोटूराम गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिनमें वीर चक्र विजेता कमांडर इन्द्र सिंह मलिक, प्रसिद्ध रंगकर्मी रघुवेन्द्र मलिक, वरिष्ठ संपादक रवि मलिक, प्रगतिशील किसान फूल कुमार ग्रेवाल, शिक्षाविद् डॉ. सरिता नांदल, लेखन विशेषज्ञ ओमप्रकाश सिवाच, डॉ. अनिल दलाल शामिल रहे। वहीं राजा नाहर सिंह अवार्ड पाने वालों में अमित नेहरा, संजीव लाकड़ा, गोपालकृष्ण हुड्डा, नवीन रूहिल, नांदल खाप प्रधान ओमप्रकाश नांदल, कैप्टन जगवीर मलिक, जसबीर मलिक, दलाल खाप प्रवक्ता मान सिंह दलाल, एवरेस्ट विजेता व इन्कम टैक्स अधिकारी सरिता मलिक, आकाशवाणी के पूर्व निदेशक धर्मपाल मलिक, सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेन्द्र मलिक, राजा नाहर सिंह के पडपौत्र अजीत सिंह तेवतिया, कर्नल बो.पी. सिंधु आदि सहित 52 गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

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