सुनारीयां जेल परिसर में हुआ लोकअदालत काआयोजन
January 8th, 2020 | Post by :- | 116 Views
रोहतक : 【लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ विकास ओहल्याण रोहतक 9541232423】हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार हर माह के प्रथम बुधवार के शेड्यूल के तहत आज सीजेएम खत्री सौरभ द्वारा सुनारीयां जेल परिसर में एक लोकअदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीजेएम ने विभिन्न फौजदारी मुकदमों की सुनवाई के दौरान बंदियों के अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आजकल अपराध होते ही समाज आरोपी के प्रति सख्त हो जाता है और बहुत से मामलों में तो लोग त्वरित न्याय की मांग करते हैं।
सीजेएम ने बताया कि आजकल कई चैनलों में आरोपी पर ट्रायल चलाना भी आम बात हो गई है, परंतु भारतीय संविधान आरोपी व दोषसिध दोनों व्यक्तियों को अनेक अधिकार प्रदान करता है। भारतीय सविंधान के अनुच्छेद 20 के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति केवल उस ही विधी के अंतर्गत अपराध का दोषी ठहराया जायेगा जो प्रवृत विधी है। प्रवृत विधी के अलावा वह किसी अन्य विधि के लिये दोषी नहीं ठहराया जा सकता है और न ही वह अधिक दंड का पात्र होगा। वह केवल उसी दंड का पात्र होगा जिस दंड को प्रवृत विधी में बताया गया है।
उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 20(2) के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति एक अपराध के लिए एक से अधिक बार दंडित नहीं किया जा सकता है। इस अनुच्छेद के संरक्षण के लिए व्यक्ति का अभियुक्त होना आवश्यक है। एमपी शर्मा बनाम सतीश चंद्र के मामले में यह निर्धारित किया गया है कि केवल एफआईआर दर्ज किये जाने से ही किसी व्यक्ति को अभियुक्त नहीं माना जा सकता है अपितु मजिस्ट्रेट द्वारा संपूर्ण जांच के बाद ही किसी व्यक्ति को अभियुक्त माना जायेगा। यदि अभियुक्त किसी जमानतीय अपराध में अभियुक्त बनाया गया है तो संबंधित पुलिस द्वारा इस बाबत जानकारी दी जायेगी और उसे उस अपराध में जमानत पर भी छोड़ा जा सकता है।
खत्री सौरभ ने बताया कि यदि कोई व्यक्ती कानूनी सुविधा लेने के लिए असमर्थ है तो उसे विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा निशुल्क विधिक सहायता दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति को बगैर कानूनी सहायता दिये सिद्धदोष नहीं किया जा सकता है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक के पैनल के वरिष्ठ अधिवक्ता राजबीर कश्यप, जेल के अधिकारीगण व विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक के अधिकारी संदीप कुमार, नितिन कुमार व बंदीगण उपस्थित रहे।

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