जन सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल
January 8th, 2020 | Post by :- | 197 Views

बराड़ा 8 जनवरी (जयबीर राणा)
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संघो के आवाह्न पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर बराड़ा में भी देखने को मिला । सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से जुड़े हेमसा, पैक्स कर्मचारी संघ, हरि। याणा, सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ, हरियाणा, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, हरियाणा व श्रमिक संगठन सीटू से जुड़ी आशा वर्क्स यूनियन, मिड डे मील यूनियन के सेंकडो कर्मचारी, मजदूर सुबह से ही बराड़ा बस अड्डा पर एकत्रित होना शुरू हो गये थे । जहाँ पर तमाम कर्मचारियों व श्रमिकों ने आम सभा की जिसकी अध्यक्षता संघ के ब्लॉक प्रधान ओमप्रकाश ने की व संचालन ब्लॉक सचिव नैब सिंह बराड़ा ने किया । रिटायर्ड संघ से कुलदीप चौहान ने अपने सम्बोधन में आरोप लगाते हुये कहा कि भाजपा की केंद्र/राज्य सरकार जन सेवाओं का निजीकरण करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि नव उदारवादी आर्थिक नीतियों के कारण आज बेरोजगारी 45 साल में सबसे अधिक है। बेरोजगारी की राष्ट्रीय ओसत दर 8 प्रतिशत है और हरियाणा के बेरोजगारी की दर करीब 28 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पुरे देश का कर्मचारी पिछले कई सालों से एनपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर संधर्षरत है। लेकिन केन्द्र सरकार बिल्कुल सुनने को तैयार नही है। संघ के कोषाध्यक्ष अशोक सैनी ने बताया कि 20 जुलाई 2018 को मुख्यमंत्री व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई थी। इस मीटिंग में मानी हुई मांगों को अभी तक लागू नही किया। उन्होंने एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम से सेवा व उम्र की शर्त को हटाने, हाऊस रैंट की बढ़ोतरी को जनवरी,2016 से लागू करने,वास्तुविक खर्च पर आधारित कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने, पंजाब के समान वेतनमान देने, ठेका प्रथा समाप्त कर अनुबंध कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन और सेवा सुरक्षा प्रदान करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों की लंबित मांगों का बातचीत से समाधान करने की मांग की थी । परन्तु गठबंधन की सरकार ने मांगो को पूरा करना तो दूर, बात करना भी उचित नही समझा ।

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