बगवानी के क्षे़त्र में पसरी हैं अपूर्व संभावनाएंः राजीव भास्कर
January 7th, 2020 | Post by :- | 195 Views

बगवानी में नहीं है कमाई की कोई कमीः अशोक कौशिक

रायपुर रानी,(लोकहित एक्सप्रेस)

खेती और बागवानी को घाटे का सौदा मानकर मायूस हो चुके किसानों के लिए पंचकूला जिले के खेड़ी गांव के बागवान राजीव भास्कर प्रेरणास्त्रोत बन कर उभरे हैं। कृषि विषय में स्नातकोतर तक पढ़ाई करने के बाद किसान राजीव भास्कर के पास नौकरी के अच्छे अवसर थे परन्तु मन में बागवानी क्षेत्र के लिए कुछ कर गुजरने की चाह ने आज उनको प्रगतिशील किसानों की फेहरिस्त में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब परंपरागत कृषि को अलविदा कह कर विविधिकरण व नई तकनीक अपनाकर बागवानी को अपनाने का समय आ गया है। किसान राजीव भास्कर ने बताया कि चार साल पहले उन्होंने रायपुर (छतीसगढ़) में 10 लाख सालाना की नौकरी को अलविदा कहकर जिला पंचकूला के गांव खेड़ी में आठ एकड़ जमीन पट्टे पर ली। जिसमें 5 एकड़ में अमरूद की वी.एन.आर. किस्म का बाग लगाया। राजीव ने पहले बाग की मिट्टी, पानी की जाँच करवाई और रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक व माइक्रोन्यू टैंट की कमी को दूर किया। पाँच एकड़ जमीन में किसान राजीव ने लगभग 2250 अमरूद की वी.एन.आर. किस्म के पेड़ लगाए और शुरूआत के दो वर्षों में पौधों के बीच की जगह में तरबूज व खरबूज की खेती भी की। तरबूज और खरबूजे की फसल से अमरूद के बाग की लागत का खर्च पूरा हो गया। राजीव भास्कर ने बताया कि उद्यान विभाग पंचकूला की सहायता से उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई व बाग में इस्तेमाल होने वाली खाद व मशाीनों को अनुदान सहायता से प्राप्त किया। किसान से बातचीत के दौरान जिला उद्यान सलाहकार व उद्यान विकास अधिकारी ने इतनी कमाई का राज पूछा तो किसान ने बताया कि वह अपने अमरूद पर फाॅम की कवरिंग की जिससे अमरूद में चमक बनी रहती है और मुख्य कीट जैसे फल मक्खी से भी बचाव रहता है। उन्होंने ज्यादा जोर अमरूद की गुणवता पर दिया जिसके फलस्वरूप वह अपनी सारी अमरूद की फसल मेट्रो सिटी दिल्ली, गुड़गांव व नोएडा डिमाण्ड के अनुसार भेज देता है जिससे अमरूद की अच्छी कीमत मिल जाती है। वह लगभग 100-120 रूपये प्रति किलोग्राम अमरूद को बेचते है।
पंचकूला के जिला उद्यान अधिकारी डा0 अशोक कुमार कौशिक ने बताया कि आज उनका बगीचा चार साल का हो चुका है। वह प्रति एकड़ कुल नौ लाख रूपये का अमरूद उत्पादन करते है। जिसमें उन्हें लेबर, यातायात व अन्य खर्च निकालकर साढे़ 6 से 7 लाख रूपये प्रति एकड़ की आमदनी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि जिला उद्यान विभाग उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा की प्रेरणा से युवा बागवानी उद्यमियों की सहायता करने के लिए संकल्पित है। बागवानी विभाग ने युवा किसानों के लिए अनेकों योजनाए शुरू की है। युवा उनके कार्यालय में आकर इन योजनाओं का लाभ उठाकर राजीव भास्कर की तरह सफल रोजगार प्राप्त कर सकते है। इन योजनाओं में बागवानी व फूलों की खेती शामिल है जिसमें कम जमीन पर ही अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है। उन्होने कहा कि आज की तकनीक से एक दो एकड. में ही लाखोें की फसल प्राप्त की जा सकती है। बागवानी का मिशन है कि गांव में सीमान्त किसान को शहरों में रोजगार के लिए भटकने की कोई जरूरत नहीं है। पंचकूला जिला इसके लिए अत्यंत अनुकूल है क्योंकि इसके पास चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला अंबाला और अन्य बड़ी मंडियां उपलब्ध हैं। जिला उद्यान अधिकारी ने जिला पंचकूला के किसानों से आह्वान किया कि वो भी कृषि की पुरानी पाद्द्यतियों को छोड़कर आधुनिक तरीके से बागवानी अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

फोटो कैप्शन – गाँव खेडी में बाग के निरीक्षण के दौरान बागवानी विभाग के उद्यान विकास अधिकारी कपिल के साथ किसान राजीव भास्कर।

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