राज्य में अब निजी नही बल्कि सरकारी अस्पतालों में ही चलेगी स्मार्ट कार्ड योजना, ५६ लाख कार्डधारियों को मिलेगा सीधा लाभ
January 6th, 2020 | Post by :- | 203 Views

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के फ़ैसले से निजी अस्पतालों की दलाली होगी ख़त्म

छत्तीसगढ़़ (रायपुर) अरुण पाण्डेय् । राज्य सरकार ने नई स्वास्थ्य योजना में बड़ा बदलाव किया है। जिन बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पताल में उपलब्ध हैं उनका निजी अस्पताल में इलाज नहीं कराया जाएगा। लेकिन आपातकालीन स्थिति में छूट जरूर मिलेगी। डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना व मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना में ये नियम लागू होंगे।

सरकार का कहना है कि इस तरह से सरकारी अस्पतालों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा। पिछली सरकार के रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। पिछले कार्यकाल में सरकारी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध होने के बावजूद भी निजी अस्पतालों से इलाज कराए जाने के कारण निजी अस्पतालों को मोटी रकम चुकानी पड़ी थी।

१८० से अधिक ऐसी बीमारियां जिनका इलाज सरकारी अस्पतालों में संभव था उसे भी निजी अस्पताल में कराए जाने से निजी अस्पतालों को लाभ हुआ था। इन बातों का ध्यान रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि जल्दी मेकाहारा समेत छह शासकीय अस्पतालों में एएसडी वीएसडी उपचार शुरू की जाएगी।

ये इलाज होंगे सरकारी अस्पतालों में

नई स्कीम के तहत कार्डियोलॉजी, ऑब्स एंड गायनी, सर्जरी, यूरोलॉजी, ऑर्थोपीडिक, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ईएनटी, पीडियाट्रिक से संबंधित ११५ बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में होगा। दिल से संबंधी बीमारी का इलाज एम्स, एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट एसीआई और नवा रायपुर में सत्य सांई संजीवनी में हो रहा है। अब तक आरएसबीवाय, एमएसबीवाय, संजीवनी सहायता कोष, मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना में १८० बीमारी ऐसी थी, जिसका इलाज सरकारी अस्पतालों में होने के बावजूद मरीजों को प्राइवेट अस्पताल भेजा जा रहा था।

प्रमुख बीमारी जिसका इलाज अब केवल सरकारी अस्पतालों में होगा

बीमारी                              पैकेज

एएसडी डिवाइस क्लोजर      ८०  हजार

वीएसडी डिवाइस क्लोजर     ८०  हजार

पीडीए डिवाइस क्लोजर       ६०   हजार

एएसडी हार्ट सर्जरी              ७०   हजार

वीएसडी हार्ट सर्जरी             ७५   हजार

पीडीएस क्लोजर                 ५०   हजार

ईएनटी टांसिलेक्टॉमी           २२    हजार

सीजेरियन डिलीवरी            १८.५  हजार

घोटाला रोकने के लिए उठाया गया बड़ा कदम

राज्य यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम के साथ डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना लांच कर दी गई है। इसमें सरकारी अस्पतालों में लगभग हर गंभीर बीमारी का इलाज मुप्त किया जाएगा। ज्यादातर बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होने के बावजूद फ्री स्कीम के बजट का आधे से ज्यादा हिस्सा निजी अस्पतालों में चला जाता है।

पूरा बजट सरकारी अस्पतालों को मिले, इसलिए प्राइवेट अस्पतालों में कुछ बीमारियों को छोड़कर बाकी का इलाज बंद कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार कई प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन स्मार्ट कार्ड की स्कीम का गलत उपयोग कर केवल अपनी जेबें भर रहे थे। स्मार्टकार्ड घोटाले से सम्बंधित ख़बरों को समाचार चैनलों ने कई बार प्रमुखता से प्रसारित किया, इन घोटालों की  वजह से फ्री स्कीम की सुविधा होने के बावजूद लोगों को मुप इलाज नहीं मिल पा रहा था। अब इस नई योजना से सरकारी अस्पतालों में ऐसा नहीं होगा। यहां हर बीमारी का इलाज पूरी तरह से मुप्त होगा।

स्मार्ट कार्ड स्कीम के तहत ६५० करोड़ के बजट में आधे से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों को भुगतान हो रहा था। अब इसी बजट का उपयोग सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने में किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि फ़िलहाल प्रदेश में ४० लाख खूबचंद बघेल व १६ लाख मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना यानी कुल ५६ लाख कार्डधारी है।

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