धर्मपुर लोक निर्माण विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा : धर्मपुर न्याय मंच
January 6th, 2020 | Post by :- | 152 Views

– कायदे कानून ताक पर रख कर काम कर रहे अधिशाषी अभियंता को निलंबित करे जयराम सरकार नहीं तो कोर्ट में देना होगा जबाब-धर्मपुर न्याय मंच

मंडी ! लोक निर्माण मंडल में सारे काम कायदे कानून को ताक पर रखकर किए जा रहे हैं ।पहले ठेके दे दिए जाते हैं फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाती है जिससे सरेआम लाखों करोड़ों रुपए की लूट की जा रही है।यह आरोप धर्मपुर न्याय मंच ने लगाए हैं।मंच का कहना है कि ईमानदार सरकार की बात करने वाले मुख्यमंत्री जयराम धर्मपुर में हो रही धांधली पर आंखे बंद कर लेते हैं।पीडब्ल्यूडी के एक्सईन द्वारा रोज नए घोटालों को अंजाम दे रहा है जिसका आरटीआई से खुलासा हो चुका है।अगर सरकार इस अधिकारी को निलंबित कर जांच नहीं बिठाती तो न्याय मंच कोर्ट की शरण लेगा जहां सरकार को जबाब देना पड़ेगा।जनता में को भी इस कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि भ्र्ष्टाचार पर लगाम कसी जा सके।
एक्सईन पी डब्ल्यू डी धर्मपुर को निलंबित करने की मांग की है। धर्मपुर में जारी जंगलराज के एक और मामले का पर्दाफ़ाश हुआ है।जिसके तहत लोक निर्माण विभाग के उपमंडल टिहरा के अंतर्गत धलौन(तनिहार)से राख(कमलाह) 7 किलोमीटर रोड़ की कटिंग का काम और लांबरी से सकोहटा रोड़ की मुरम्मत का कार्य बिना टेंडरों के ही करवा दिया गया है और अब खाना पूर्ति के लिए 28 दिसंबर को टेंडर आमंत्रित करने का नोटिस जारी किया था।जिसके लिए 26 तारीख़ को टेंडर फार्म जारी करने का समय निर्धारित किया गया था।लेक़िन इस दौरान एक अन्य पंजीकृत ठेकेदार द्वारा टेंडर फार्म एक्सईन धर्मपुर के कार्यालय में जाकर मांगा तो उसे फार्म नही दिया गया।फार्म भरने हेतु वह ठेकेदार तीन दिन तक कार्यालय में जाता रहा लेक़िन उसे फार्म भरने नहीं दिया गया और फ़िर टेंडर जमा करने के दिन उसके साथ कार्यालय में मारपीट करने भी की गई है। जिसकी शिकायत उक्त ठेकेदार द्धारा मुख्यमंत्री को आनलाईन 2 जनवरी को 134635,134636, 134641 और 134649 नंम्बर के तहत दर्ज कराई है और इन दोनों टेंडरों को रद्द करने और एक्सईन लोकनिर्माण विभाग धर्मपुर के ख़िलाफ़ कार्यवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि एक्सईन ने तीन दिन से उसे टेंडर न भरने के लिए दबाब डाला और फिर टेंडर भरने के अंतिम दिन उसके साथ कार्यालय में हाथापाई की औऱ मारपीट भी की है।उन्होंने अपनी शिकायत में ये बात भी दर्ज की है कि ये दोनों काम जिनके टेंडर बाद में लगाये गए हैं इनका काम आई पी एच मन्त्री के रिश्तेदार से करवा दिए गए हैं और अब केवल उन्हीं को इसे वे बाद में कागज़ों में दर्शाना चाहते हैं।धर्मपुर न्याय मंच के मुख्य सलाहकार एवं ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह सयोंजक गंगा राम ठाकुर सह संयोजक रणतांज राणा, कुलदीप ठाकुर कोर कमेटी सदस्य संजय ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, करतार सिंह बिट्टू, रूप चन्द, अरुण अत्री, शिवकुमार वर्मा, हरदीप सिंह, कश्मीर सिंह,प्रकाश सकलानी, लूद्दर सिंह, भाग सिंह लखरवाल, पवन गुलेरिया, मान सिंह सकलानी इत्यादि ने बताया कि इन टेंडरों को रद्द किया जाये और टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाए और कार्यालय में हाथापाई करने वालों के साथ नियमानुसार कार्यवाई की जाए। धर्मपुर न्याय मंच ने ये भी कहा कि पिछले दो वर्षों से सभी टेंडरों का चयन राजनीतिक आधार पर हो रहा है और एक्सईन धर्मपुर मन्त्री और उनके बेटे की रबड़ स्टैम्प बने हुए हैं इसलिए उन्हें इन धांधलियों के लिए सस्पेंड किया जाये और एस डी ओ टिहरा के विरुद्ध भी कार्यवाई कि जाये। धर्मपुर में कोई भी टेंडर नियमानुसार आवंटित नहीं हो रहे हैं और न ही कोई पारदर्शिता से यहां काम हो रहा है।बहुत से काम मन्त्री के चहेते ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही मौखिक आधार पर दे दिए जाते हैं और बाद में उनकी औपचरिकतायें पूरी की जाती हैं और अन्य ठेकेदारों को तो टेंडर फार्म ही नहीँ दिए जाते हैं और सारी व्यवस्था चरमरा गई है औऱ सारा काम नियमों के विपरीत हो रहा है।ऐसा ही प्रकरण छः माह पहले भी एक्सईन कार्यालय में हुआ है और एक्सईन धर्मपुर गैरकानूनी तरीके से सारे ठेके आवंटित करने का काम कर रहे हैं।और एक ही बड़े काम को छोटे छोटे टुकड़ों में डिवाइड करके मन्त्री के इशारे पर उनके चेहतों को आवंटित करने का काम कर रहे हैं जो सभी गैर कानूनी प्रक्रिया है।मंच इस प्रक्रिया को आने वाले दिनों में न्यायालय में भी उठायेगा।

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