सारकेगुड़ा गोलीकांड प्रभावित कई ग्रामीणों को अबतक कोई सरकारी सहायता नही!
January 6th, 2020 | Post by :- | 100 Views

छत्तीसगढ़ (बीजापुर – सारकेगुड़ा) अरुण पाण्डेय् । बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सारकेगुड़ा, कोत्तागुड़ा और राजपेटा के ग्रामीण पांडूम त्यौहार मनाने के लिए दिनांक २८ जून २०१२ की शाम शाम ०६:३० से ०७:०० बजे के आसपास सारकेगुड़ा में एकत्रित होकर बातचीत कर ही रहें थे की करीब आधा घंटा हुआ होगा की बासागुड़ा की तरफ से पुलिसबल जोकि पकड़ो कोई भागने ना पाए ऐसे आवाज के साथ आई और अचानक भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगी।
इस गोलीबारी में गांव के १७ लोगों की मौत हो गई और बहुत से लोग घायल हो गए। आज जब सारकेगुड़ा में लोकहित एक्सप्रेस.न्यूज़ ने ग्रामीणों व घायल लोगों से मुलाकात किया तो पुल्लैया सारके ने बताया की पांडूम त्यौहार की बैठक में मैं भी गया हुआ था और मुझे भी हाथ व पैर में गोली लगी थी, मुझे बीजापुर शासकीय अस्पताल में इलाज कराया गया। लेकिन शासन से अबतक मुझे कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है।
वहीं इस गोलीकाण्ड में छोटू आपके ने बताया की उसे घुटने के पास गोली लगी थी और जगदलपुर महारानी अस्पताल में उसका उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि मेरा पैर अब ठीक से मुडता भी नहीं हैं और मुझे भी शासन से कोई आर्थिक मदद नहीं मिला हैं।
सारकेगुड़ा गोलीकाण्ड में सोमनी सारके के पति की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी उनके परिवार को शासन से ०२ लाख रूपये की आर्थिक मदद मिली थी।
वहीं इस गोलीकाण्ड के शिकार ग्राम कोत्तागुड़ा स्कूल पारा के रामेश काका ने बताया कि ‘मुझे पीठ में दो और बांह में एक गोली लगा था, मुझे शासन की तरफ से तीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। कुछ ग्रामीणों ने बातचीत में यह भी कहा की २८ जून २०१२ हमारे लिए मौत बनाकर आई थी और हमारे परिवार को बर्बाद करके चली गई। हम जबतक जिंदा रहेंगे तबतक इस घटना को भुला नहीं पायेंगे।
मामला लगभग तब से लेकर कई वर्षों तक विशेष न्यायालय में रहा, जांच समितियां बनी तरह – तरह के आयोग तक बनाये गए पर लोकहित एक्सप्रेस.न्यूज़ जब उन ग्रामीणों के पास पहुंचा और जो सच्चाई सामने आई वह आपके समक्ष है। अब सवाल यह उठता हैकि जिन ग्रामीणों की कोई गलती नही थी उनकी जिंदगी नर्क से बदतर करने के बाद भी आख़िर प्रशासन ने अबतक उनकी सुध क्यों नही लिया? सारकेगुड़ा गोलीकांड में प्रभावित परिवार को क्या कोई शासकीय लाभ मिल पायेगा या पुरानी सरकार ने जिस तरह इस मामले को ठंडे बस्ते में दबाए रखा ऐसा ही राज्य की नई सरकार भी करेगी।

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