यज्ञ करने से पापों का होता है नाश
January 4th, 2020 | Post by :- | 136 Views

श्रावस्ती, नितिश कुमार तिवारी

यज्ञ करने से पापों का होता है नाश

भिनगा स्थित आर्य समाज मन्दिर पर आयोजित गोष्ठी में यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डा0 विश्वनाथ मिश्र ने कहा कि यज्ञ परमात्मा का रूप होता है ।

शास्त्र ने कहा है कि यगै वै विष्णु अर्थात विष्णु परमात्मा के वह स्वरूप हैं जिसे योगी लोग ध्यान द्वारा जानते हैं यज्ञाति भवति पर्जन्यः अर्थात यज्ञ से वर्षा होती है और वर्षा से अन्न होता है अन्न से प्रजा का पालन होता है । इसे दैनिक जीवन में महायज्ञ कहा गया है ।

डा0 मिश्र ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ करने से सभी पापों का नाश हो जाता है ऐसा पुण्य कार्य पूर्वज नियमित करते थे । जिससे व्यक्ति के कल्याण के साथ पूरे विश्व का भी कल्याण होता है ।

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