जन सहयोग से ऐतिहासिक दलपत सागर सफाई महाअभियान लगातार २ माह से अधिक समय से जारी
January 4th, 2020 | Post by :- | 106 Views

प्रतिदिन टनों कचरा दलपत सागर से निकाला जा रहा बाहर

निगम द्वारा लापरवाही से डुबोई गई नाव भी निकल रही तालाब से

छत्तीसगढ़़ (जगदलपुर) अरुण पाण्डेय् । नए वर्ष का आगाज हो चुका है और नए वर्ष में भी इंद्रावती बताओ जन जागरण अभियान के सदस्यों ने दलपत सागर सफाई अभियान को निरंतर जारी रखा हुआ है ०५ नवंबर से शुरू हुई दलपत सागर महाअभियान अनवरत जारी है और आगामी १४ जनवरी तक ऐसे ही जारी रहेगा। १४ जनवरी को नगर निगम जगदलपुर के नये महापौर को विधिवत दलपत सागर को सौंपा जाएगा ताकि इस विशाल ऐतिहासिक सागर को बचाने के लिए कोई प्रयास हो सके अभियान के सदस्य महापौर से यह विनती भी करेंगे कि सागर को पुनः उसी स्थिति में लाने कोई ठोस कदम उठायें, साथ ही दलपत सागर को सफाई करने हेतु कुछ सुझाव भी अभियान के सदस्यों ने तैयार किया है उसे भी नये महापौर को सौंपा जाएगा।

वर्ष २०१९ में इंद्रावती बचाओ जन जागरण अभियान की शुरुआत हुई थी लगातार १४ दिनों तक पदयात्रा के बाद अभियान के सदस्यों ने ५००० से अधिक पौधा रोपित किए और उसके बाद बस्तर की ऐतिहासिक दलपत सागर सरोवर को बचाने के लिए जनजागरण सफाई अभियान की शुरुआत की, जो आज ६२ वें दिन भी जारी रहा।

वर्तमान स्थिती: जलकुंभियों से लदाहूआ दलपत सागर

नये वर्ष के पहले दिन भी अभियान के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटे और बड़ी संख्या में एकत्रित हो कर सफाई अभियान को आगे बड़ा रहें है। बीते गुरुवार 2 जनवरी को आयरलैंड के निकट निगम की लापरवाही से डूब चुके दो पैडल वोट को भी निकाला गया, जो अब चलने लायक नहीं है। मगर थोड़ी बहुत मरम्मत करने के बाद यह नाव काम आ सकती है, इसके अलावा अभियान के सदस्यों ने अब तक पांच नाव दलपत सागर के नीचे से निकाला है.छह से सात और नावें अभी भी सागर की तली में डूबे हुए हैं.पिछले दिनों दलपत सागर में धरमपुरा जाने वाले मार्ग पर लगातार १० से १२ दिन सफाई का कार्य किया गया। हजारों टन कचरा सागर से बाहर निकाला गया.इस बीच सहयोग से मिले पोकलेन मशीन ने भी ०५ दिनों तक सागर से कचरा और जलकुम्भियों को निकाला गया.प्रतिदिन सुबह ०६:०० बजे दलपत अभियान के सदस्य आइलैंड के निकट पहुंच जाते हैं और बिना समय गवाएं अपने कार्य को निस्वार्थ भाव से करने में जुड़ जाते हैं। आइलैंड में कई लोग घूमने भी आते हैं लेकिन अब तक ६२ दिनों में कुछ एक को छोड़ किसी ने भी इस अभियान को साथ देना मुनासिफ नही समझा मगर इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान के सदस्य इसकी प्रवाह ना करते हुये बिना सरकारी सहायता के अभियान को पूरा करने में जुटे हुये हैं।

जल कुंभियो से लदा हुआ दलपत सागर

लगातार निःस्वार्थ भाव से जारी अभियान की वजह से तालाब काफी हद तक अब साफ दिखने लगा है। दलपत सागर महा सफाई अभियान में सुरजीत कौर, उर्मिला आचार्य, गीता आचार्य, सीमा आचार्य, सुनीता बाफना, लवन्य रेखा, लक्ष्मी सिंह, मालती पामभोई, लक्ष्मी सिंह, शैल दुबे, रंजीता मिश्रा, राधा बघेल, लक्ष्मी कश्यप, डॉ. सुषमा झा, करमजीत कौर, नंद कलकोटवार, अनिल लुक्कड़, अजय पाल सिंह, सुरेश चंद्र दास, कलवेंद्र सिंह, राजु, इस्तखार हुसैन अंसारी, अनिल सिंह, रंजीत च्रक्रवती, बादशाह खान, संजय बारले, डॉ. प्रदीप पांडे, दिनेश सर्राफ, शिवरतन खत्री, देवेंद्र सिंह, रोहित आर्य, अनिल अग्रवाल, टी.के. शर्मा, रोहित सिंह बेस, गीतेश सिंघाड़े, परमेश राजा, शेखर शर्मा, कोटेश्वर नायडू, डॉ. परासर, पी जयंत, रोशन झा, धर्मेंद्र महापात्र सहित अन्य कर्मयोगी अपनी सेवायें दे रहें हैं।

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