वजीरपुर- सवाईमाधोपुर जिले का उपखंड मुख्यालय वजीरपुर पर सुविधा की दरकार
January 4th, 2020 | Post by :- | 159 Views

 

वजीरपुर, ( महेन्द्र शर्मा ) कस्बे को उपखण्ड का दर्जा 6 वर्ष पूर्व दे दिया, लेकिन अभी तक यहां पर पंचायत समिति का गठन नहीं हो सका । इस बार ग्राम पंचायत के पुनर्गठन की ओर पुन: सीमांकन में भी वजीरपुर की मांग अधूरी रह गई। सरकार ने इस साल मलारना डूंगर गांव पंचायत समिति बनाने की घोषणा एक साल में ही कर दी, लेकिन वजीरपुर बडे़ लंबे समय से उप जिला मुख्यालय पर सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ इसे पंचायत समिति की दर्जा अभी तक नहीं मिला, लेकिन सरकार की ओर से ईश्वर कस्बा जनों को पूरी निराशा मिली। नव वर्ष में भी वजीरपुर को पंचायत समिति मुख्यालय नहीं मिलने से आज भी ग्राम पंचायत ही नजर आती है। पंचायत समिति के अभाव में विकास कार्य भी बाधित होता है।

छह वर्ष में भी नहीं मिला स्थाई एसडीएम
उपखण्ड कार्यालय वजीरपुर को छह वर्ष में भी स्थाई रूप से अभी तक एसडीएम नहीं मिलने से गंगापुर सिटी के एसडीएम के अधीन चल रहा है। जिससे आम जन के कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं।
बाल विकास परियोजना कार्यालय का अभाव
वजीरपुर उपखंड होने पर यहां पर अभी तक बाल विकास परियोजना कार्यालय नहीं खुलने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को परेशानी होती है।वहीं कार्यालय का भी अभाव होने से आंगनबाड़ी अधिकारी नहीं रहते हैं
नगरपालिका का अभाव
वजीरपुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने और उपखण्ड कार्यालय होने पर भी राजनैतिक अभाव के चलते अभी तक नगरपालिका नहीं हुई।जिसके चलते उपखण्ड क्षेत्र का विकास अवरूद्ध हो गया।
सचिवालय का अभाव
वजीरपुर उपखण्ड़ बने करीब छह वर्ष हो गए, लेकिन सचिवालय का अभाव बना हुआ है। जिसके अभाव में लोगों को गंगापुर सिटी के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
बस स्टैंड का अभाव
कस्बे में बस स्टैंड का स्थान उपखण्ड़ के अनुसार नहीं होने से यहां से जिला मुख्यालय और राजधानी जयपुर के लिए सीधी सेवा भी संचालित नहीं है। और न ही कोई लम्बी यात्रा की कोई सेवा नही है। इस उपखण्ड पर हिंडौन आगार के अलावा किसी भी आगार की सेवा नहीं चलती है।

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