विहिप चंडीगढ़ ने डिप्टी कमिश्नर को सौंप ज्ञापन
January 4th, 2020 | Post by :- | 209 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ ने डिप्टी कमिश्नर चंडीगढ़ श्री मंदीप सिंह बराड़ को आंध्रप्रदेश व तेलंगना सरकारों द्वारा हिंदू आस्थाओं को अपमानित करने का षड्यंत्र तथा मुस्लिम व ईसाई तुष्टीकरण के लिए अपनाई जा रही भेदभाव पूर्ण नीतियों के प्रति ज्ञापन दिया!

ज्ञापन के माध्यम से डिप्टी कमिश्नर जी को अवगत कराया गया की आंध्र प्रदेश व तेलंगणा सरकारें विगत कार्य कई वर्षों से मुस्लिम व ईसाई समाज का तृष्टिकरण कर उनका वोट बैंक बनाने हेतु कई प्रकार की भेदभाव पूर्ण नीतियां लागू कर रही है। इनमें से कई नीतियां तो संविधान विरोधी भी है और कई नय्यापलिकाओ द्वारा अस्वीकृति भी की जा चुकी है। धार्मिक आधार पर आरक्षण बार-बार संविधान विरोधी सिद्ध होने के बावजूद यह अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने के लिए कई प्रकार के मार्ग निकालने का प्रयास कर रही है। चर्च व मस्जिदों के निर्माण हेतु सरकारी कोष लुटाया जा रहा है। तेलंगणा सरकार का यह प्रयास कि जहां एक भी ईसाई परिवार रहता है वहां चर्च बनाई जाए, सामाजिक असंतोष निर्माण करेगा। सरकारी कोष से मौलवियों को ₹10000 प्रति माह तथा मुआनंजनो व पादरियों को ₹5000 प्रतिमा देकर वे धर्मांतरण व कट्टरवाद को प्रोत्साहन दे रही है। हिंदू तीर्थ यात्रियों से 2-3 गुना किराया वसूल करना व ईसाई, मुसलमान तीर्थ यात्रियों के लिए मुफ्त में बसों की व्यवस्था को किस प्रकार उचित ठहराया जा सकता है?

तिरुपति जैसी पावन यात्रा का ईसाइयत के प्रचार प्रसार हेतु दुरुपयोग करना बहुत ही पीड़ा दई है। वहां जाने वाली बसों की टिकटों के पीछे जेरूसलम जाने वाले यात्रियों के लिए सब्सिडी व अन्य सुविधाओं का प्रचार करना आंध्र प्रदेश सरकार की हिंदू विरोधी नीति का प्रतीक है। तिरुपति तिरुमाला में ईसाई पादरियों को अपने धर्म के प्रचार की छूट दी जाती है जिससे हिंदू अपमानित होता है। तिरुपति के नियमों का उल्लंघन कर गैर हिंदू को जबरन प्रवेश कराकर वे इस पवित्र मंदिर की पवित्रता को भंग कर रहे हैं। गैर हिंदुओं को सरकार मंदिरों के अधिकारी व कर्मचारी नियुक्त कर मनमानी कर रही है। अल्पसंख्याओंको के आवास और विकास के लिए मंदिरों की हजारों एकड़ भूमि नियमों व न्यायालयों के निर्माण के विरोध सरकार द्वारा हैरापा जाना निरंतर चल रहा है। इन नीतियों के कारण ही गुंटूर जिले के जिलाधिकारी एक ईसाई कार्यक्रम में यह घोषणा करने का साहस करते हैं कि सरकार ईसाइयों की है और हम उनको ही नौकरियां देकर उनका भला करने वाले हैं। ऐसे कई और भी षड्यंत्र है जिसके कारण हिंदू समाज आहत है। इसाई मिशनरियों व मौलवियों का तो साहस बढ़ रहा है तथा सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है। डिप्टी कमिश्नर साहब, हम विभिन्न धार्मिक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि आपसे विनम्र आग्रह करते हैं कि आप संविधान पद शक्तियों का उपयोग कर आंध्रप्रदेश व तलाक ना सरकार की इस भेदभाव पूर्ण वह हिंदू धनात्मक नीतियों पर रोक लगाएं और इन प्रदेशों के हिंदुओं को सम्मान पूर्वक अपनी आस्थाओं का पालन करते हुए जीने का अधिकार दिलवाए। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के मंत्री श्री सुरेश राणा, विहिप केंद्रीय कार्यकारिणी से श्री दया शंकर पांडे, उपाध्यक्ष देवेंद्र सिद्धू, विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ पालक अधिकारी जितेंद्र दलाल, अनुज कुमार सहगल, बजरंग दल संयोजक नरेंद्र बंसल, गौ रक्षा विभाग अध्यक्ष ऋषि राज, दुर्गा वाहिनी संयोजिका शिप्रा बंसल, शिल्पी, स्नेहिल उपस्थित रहे।

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