Uncategorized

अमलीपदर तहसील में निकली भव्य रथ यात्रा बोल कालिया धीरे धीरे के जयघोष से गूंज उठा गांव श्रद्धा और शौर्य का अद्भुत संगम उड़ीसा की परंपरा अमलीपदर की भव्यता हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ के रथ को खींचा गांव हुआ भक्तिमय

अमलीपदर_गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत आने वाले नवीन तहसील धर्म नगरी अमलीपदर में श्रद्धा भक्ति और भव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम देखने को मिला जिसे तहसील व पड़ोसी राज्य व क्षेत्र वासी वर्षों तक नहीं भूल पाएंगे जब महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की रथ यात्रा निकली तो बोल कालिया धीरे-धीरे” के जयघोषों से पूरा गांव गूंज उठा हजारों की भीड़ एक साथ भगवान के रथ को खींचने के लिए उमड़ पड़ी और हर कोई सिर्फ एक झलक पाने को आतुर था

एक दिव्य आयोजन इस ऐतिहासिक रथ यात्रा का सदस्यों की टीम ने पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ आयोजन की कमान संभाली पायजामा-कुर्ता और भगवा गमछा पहने इन युवाओं ने रथ यात्रा की गरिमा को नए स्तर पर पहुंचा दिया एक दर्जन बाउंसरों की विशेष तैनाती ने सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत किया आयोजकों ने उड़ीसा की परंपरा के अनुरूप इस आयोजन की तैयारी पिछले एक महीनों से शुरू कर दी थी प्रतिकृति रथ की कलात्मक सजावट और परंपरागत यह केवल रथ नहीं था यह श्रद्धा आस्था और संस्कृति का प्रतीक था नवयौवन वेश में महाप्रभु के दर्शन महाप्रभु श्रीजगन्नाथ को विशेष नवयौवन वेश में सजाया गया यह परंपरा इस भाव को प्रकट करती है कि देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान विश्राम कर नवऊर्जा के साथ भक्तों के दर्शन को निकलते हैं रथ पर आरूढ़ महाप्रभु जब भ्रमण को निकले तो हर गली और हर मोड़ पर श्रद्धालुओं की आंखें नतमस्तक हो गईं तहसील हुआ भक्तिमय झांकियां नृत्य रोशनी और भक्ति का रंग

रथ यात्रा शाम 5.30 से 6 बजे श्रीजगन्नाथ मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ अपने मौसी के घर अपने बड़े भाई बलभद्र एवं बहन माता सुभद्रा के साथ श्री गुडिचा मंदिर आए

श्रद्धालु पूरे नगर का भ्रमण करते हुए आगे बढ़ी इस यात्रा में धार्मिक झांकियों भक्ति संगीत, सांस्कृतिक नृत्य और विशेष रोशनी व्यवस्था ने एक भक्ति पर्व का स्वरूप ले लिया। महिलाएं बच्चे बुजुर्ग सभी उम्र के लोग उल्लास और भक्ति में डूबे हुए नजर आए प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क और सहयोगी इस भव्य आयोजन में पुलिस प्रशासन ने भी बारीक योजना और तत्परता के साथ कार्य किया थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम एवं एसडीओपी विकास पाटले के नेतृत्व में पूरी सुरक्षा व्यवस्था को संभाला गया रूट डायवर्जन और ट्रैफिक कंट्रोल स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल की तैनाती पर गंभीरता और जिम्मेदारी से काम किया गया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भावनाओं से जुड़ा आयोजन संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति

यह रथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि अमलीपदर की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव थी यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब समर्पण अनुशासन और भक्ति एक साथ आते हैं तो धर्म केवल आस्था नहीं रह जाता वह जीवन का उत्सव बन जाता है बोल कालिया धीरे-धीरे” की गूंज के साथ तहसील में गूंज रही थी

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *