-प्राणी मात्र के कल्याण के लिए अध्यात्मवाद जरूरी–हमारी संस्कृति ही हमारे सामाजिक और नैतिक मूल्यों का आधार:-साध्वी ऋृतम्भरा।
August 27th, 2019 | Post by :- | 170 Views

अम्बाला;अशोक शर्मा

प्राणी मात्र के कल्याण के लिए अध्यात्मवाद और पौराणिक पहलूओं को आत्मसात् करना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से हम न केवल अपनी सांस्कृतिक और अध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संजोए रखने का काम करते है बल्कि समाज को रचनात्मक और सृजनात्मक व्यवस्था देने का काम भी करते हैं इसलिए जरूरत इस बात की है कि हमें अध्यात्मवाद को अंगीकृत करते हुए एक नये और सभ्य समाज की स्थापना में मिलजुल-कर काम करने की जरूरत है।
उक्त अभिव्यक्ति साध्वी ऋृतम्भरा ने स्थानीय अनाज मंडी में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यान माला के दूसरे दिन उपस्थित भारी संख्या में श्रद्घालुओं को अध्यात्मिक अभिव्यंजना देते हुए कही। साध्वी ऋृतम्भरा ने कहा कि हम सबका मुख्य उद्देश्य अध्यात्मवाद, संस्कृति और संस्कारों के निर्वहन और क्रियान्वयन के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को सहेजना है और इस दिशा में साधु-संतो के प्रवर्चनो को अंगीकृत करते हुए हम सभ्य और संर्वधित समाज की स्थापना करें ऐसे प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने अपनी अध्यात्मिक अभिव्यक्ति में उपिस्थत श्रद्घालुओं को प्रर्वचन देते हुए कहा कि वे निस्वार्थ भाव से समाजसेवा के कार्य करें।
इस मौके पर उपस्थित अम्बाला शहर के विधायक असीम गोयल ने साध्वी ऋृतम्भरा का आशीर्वाद लिया और साध्वी ऋृतम्भरा के प्रर्वचनों को काफी देर तक सुनते रहे। इसके बाद उन्होंने कहा कि समाजसेवा का कार्य हमारा मुख्य उद्देश्य है और इस दिशा में हम अध्यात्मवाद और सामाजिक मूल्यों को आत्मसात करने के लिए निरंतर आगे बढ रहे हैं। निस्वार्थ भाव से काम करना हमारी संस्कृति में समाहित है। सेवा के कार्यों को हम निरंतरता से आगे बढाते रहेंगे। उनके साथ काफी संख्या में अन्य श्रद्घालु भी उपस्थित रहे। जिनमें प्रेमचंद वरिष्ठï प्रचारक, किशोर कांत, सुरेन्द्र पाल, हेमराज, ओम प्रकाश, सुंदर, गोपाल, हरिश गोयल, प्रदीप खेडा, प्रदीप गोयल, अरविंद लक्की, विशाल बत्रा, सतीश चावला, सुशील जैन, मनदीप राणा, मक्खन लाल, हितेष जैन, अनिल गुप्ता, प्रीतम गिल, संजीव टोनी, संजय कुमार, दिनेश लदाणा, विनिश वरमानी, अशोक कुमार, प्रदीप गोयल, रितेश गोयल सहित काफी संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे।

 

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