जौनपुर:मजदूर के बेटे का 10 दिन से लाश नही दे रही पुलिस ,कह रही लाश लेकर क्या करोगे।
December 27th, 2019 | Post by :- | 123 Views

जौनपुर ।जफराबाद जौनपुर के एक मजदूर के बेटे का शव फुलपूर बनारस के थाने मे पड़ा है दस वर्षीय बच्चे का शव,

1-पुलिस का अमानवीय चेहरा आया सामने

2-संदिग्ध स्थिति मे गायब होने के बाद मिला था बच्चे का शव

3-पड़ोसी जिले वाराणसी के फूलपुर थाने की उदासीनता से एक बार फिर पुलिस की संवेदनहीनता व मानवहिनता उजागर हुई है।

शेख आलमपुर गांव जफराबाद  निवासी नागेश मजदूर पेशा परिवार दस दिन से बेटे के शव के लिए थाने का चक्कर लगा रहा है। पोस्टमार्टम न होने का हवाला देकर उसे थाने से लौटा दिया जा रहा है। पुलिसकर्मी एक ही बात कहते हैं कि लाश लेकर क्या करोगे।

उक्त गांव निवासी नागेश कुमार अपनी पत्नी विमला देवी व तीन पुत्रों के साथ फूलपुर बाजार में करिया डिग्गी गांव में किराये के मकान में रहता है। नागेश घरों की रंगाई-पोताई व विमला देवी पारले बिस्किट कंपनी में मजदूरी करती है। गत सात दिसंबर को नागेश का दूसरे नंबर का पुत्र अनुज कुमार (10) रहस्यमय परिस्थिति में लापता हो गया। नागेश ने पुत्र के गायब होने की जानकारी फूलपुर थाने में दी। 15 दिसंबर को अनुज का शव संदिग्ध स्थिति में बिस्किट फैक्ट्री के पीछे झाड़ी में मिला। पुलिस ने अनुज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। धीरे-धीरे दस दिन बीत गये। अनुज का पिता नागेश फूलपुर थाने का चक्कर लगा रहा है। अभी तक उसे बेटे का शव नहीं मिल सका है। नागेश ने बताया कि पोस्टमार्टम न होने की जानकारी देकर पुलिस रोज वापस लौटा दे रही है। थाने में कदम रखते ही कुछ पुलिसकर्मी कहते हैं ‘लाश लेकर क्या करोगे।’

इस बारे में पूछने के लिए थानाध्यक्ष के सीयूजी नंबर पर संपर्क करने पर दारोगा आलमगीर ने जवाब दिया कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस वजह से दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया होनी है। इसके लिए दूसरे डाक्टरों की टीम गठित हुई है। दोबारा पोस्टमार्टम होने के बाद ही बालक का शव परिजनों को दिया जा सकेगा”

लेकिन पुलिस का इस तरह से लाश को लटकाए रहना और लाश के लिए चक्कर लगवाना इन्सानियत का गला घोटना जैसी बात है।

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