कलेक्टर व पूर्वमुख्यमंत्री जैसे पदों पर रहें अजीत जोगी की जाति प्रमाणपत्र फ़र्ज़ी – हाई पॉवर कमेटी
August 27th, 2019 | Post by :- | 231 Views
  • जाति प्रमाणपत्र फ़र्ज़ी – हाई पॉवर कमेटी

  • कलेक्टर व मुख्यमंत्री जैसे पदों पर फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र के चलते ले चुके हैं लाभ

  • राज्य व केंद्र शासन क्या कार्यवाही करेगी

 

छत्तीसगढ़ (राजधानी) अरुण कुमार पाण्डेय । छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी स्वयं को आदिवासी बताते आये हैं परंतु इस मामले की जांच कर है आदिमजाती कल्याण विभाग के सचिव डीडी सिंह की अध्यक्षता में बनी हाई पॉवर कमेटी के रिपोर्ट अनुसार अजीत जोगी व उनका परिवार आदिवासी नही है।

हाई पॉवर कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सभी जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए हैं।

उक्त हाई पॉवर कमेटी ने अपने रिपोर्ट में लिखा हैकि अजीत जोगी को अनुसूचित जनजाती हेतु संवैधानिक किसी भी प्रकार की पात्रता नही है।

इस जांच के बाद ही हाई पॉवर कमेटी ने छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2013 के नियम 24 (3) व 24 (1) के अनुसार कार्यवाही हेतु बिलासपुर ज़िला कलेक्टर को निर्देशित किया है।

साथ ही उक्त अधिनियम के नियम 23 (5) कर अनुसार पुलिस उपअधीक्षक को अजीत जोगी को पूर्व में जारी समस्त जाति प्रमाणपत्र जप्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अब देखना यह हैकि फ़र्ज़ी जातिपत्र के आधार पर अजीत जोगी व परिवार ने अब तक जितने भी सरकारी लाभ लिए उनके प्रति राज्य व केंद्र की सरकार क्या कड़ी कार्यवाही करता है।

अजीत जोगी स्वयं को आदिवासी बताकर कलेक्टर व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जैसे पदों पर भी काबिज़ रहे हैं वही उनके सुपुत्र अमित जोगी ने भी इसका भरपूत लाभ उठाया है व वर्तमान में वे भी अनुसूचित जनजाती हेरू आरक्षित सीट से विधायक हैं।

अजीत जोगी छत्तीसगढ़ राज्य में एक समय कांग्रेस के दिग्गज़ नेता माने जाते रहे हैं जिनका राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी से प्रगाढ़ मित्रता मानी जाती है, वर्तमान में स्वयं की पार्टी बनाकर बहुजन समाज पार्टी के नेता मायावती के साथ समर्थन में हैं।

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